किसानों के समर्थन में सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जगह-जगह प्रदर्शन किया। युवा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रयाग स्टेशन पर बुंदेलखंड ट्रेन रोक दी। वे ट्रेन के सामने लेट गए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौराहे, बालसन, मुंडेरा आदि स्थानों पर भी प्रदर्शन किया तथा गिरफ्तारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम करने की कोशिश की, लेकिन हाईवे पर पहुंचने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
सपाइयों ने रोकी ट्रेन, किए गए गिरफ्तार, प्रयाग स्टेशन पर बुंदेलखंड ट्रेन के आगे लेट गए कार्यकर्ता
सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संदीप यादव की अगुवाई में कार्यकर्ता सुबह ही प्रयाग स्टेशन पहुंच गए थे और वहां खड़ी बुंदेलखंड एक्सप्रेस के सामने लेट गए। वहां भारी फोर्स मौजूद रहे, लेकिन सपा कार्यकर्ता उनसे बचते हुए ट्रैक तक पहुंचने में सफल रहे। इस तरह से सपा कार्यकर्ताओं से वहां अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान उनकी सुरक्षा कर्मियों के साथ तीखी झड़प हुई।
विवाद बढ़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें गिरफ्तार का लिया। बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर नौ कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया। इसकी वजह से आधा घंटा से अधिक समय तक बुंदेलखंड एक्सप्रेस रुकी रही। ट्रेन रोकने पर गिरफ्तार होने वालाें में संदीप यादव, मुशीर अहमद, राजेश यादव, उदय शंकर उर्फ बबलू रावत, अरुण यादव, विकास यादव उर्फ बालाजी, सौरव यादव, शिवा केसरवानी, अमित कुमार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जिसकी तलाश की जा रही है।
इसके अलावा योजनाबद्ध तरीके से सपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का पहले वरिष्ठ नेता विनोद चंद्र दुबे के सिविल लाइंस स्थित आवास पर जमावड़ा हुआ। वहां से वे सुभाष पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगाें ने दुकानें भी बंद कराने की कोशिश की। सुभाष चौराहे पर भी पहले से सपाई मौजूद रहे। वहां उन्हाेंने कृषि कानून के विरोध में नारेबाजी की।
नेताओं ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। विरोध बढ़ता देख पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई। गिरफ्तारी देने वाले पूर्व प्रदेश प्रवक्ता केके श्रीवास्तव, विनोद चंद्र दुबे, पूर्व सांसद नागेंद्र सिंह पटेल, धर्मराज सिंह यादव, कमल सिंह, सै.इफ्तेखार हुसैन, कृष्णमूर्ति यादव आदि ने भाजपा की नीतियों को किसान, युवा विरोधी बताया।
विधायक उज्जवल रमण सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम की योजना बनाई थी लेकिन हाईवे पहुंचने से पहले नैनी में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें नैनी थाने से पुलिस लाइन लाया गया। जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव की अगुवाई में भी कार्यकर्ताओं ने हंडिया में धरना दिया। उन्हाेंने चक्काजाम करने की भी कोशिश की लेकिन हाईवे पर पहुंचने से पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार कर सभी को होलागढ़ लाया गया। ऋचा सिंह ने मुंडेरा में प्रदर्शन किया। फाफामऊ, झूंसी आदि स्थानों पर भी सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया तथा गिरफ्तारी दी।
रैली, सभाओं में किसानों ने बुलंद की आवाज
भारत बंद का बाजाराें में तो बहुत असर नहीं दिखा लेकिन यमुनापार के किसानों ने जगह-जगह रैली निकाल और सभाएं करके अपनी मांग के समर्थन में आवाज बुलंद की। साथ ही ताकत भी दिखाई। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले किसानों ने जारी में रैली निकाली। इसके बाद हुई सभा में उन्हाेंने कृषि कानून की खामियों को गिनाया। उनका कहना था कि कानून वापस होने के बाद ही उनका आंदोलन खत्म होगा। अमिलिया गांव से भी किसानों ने रैली निकाली जो कई गांवों में गई। सभा के बैनर तले किसानाें ने घूरपुर आदि स्थानाें भी सभाएं की और आंदोलन का समर्थन किया। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट से जुड़े किसान भी जगह-जगह धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश सरंक्षक फूलचंद्र दुबे, विनय तिवारी, ललउ यादव,, वीरेंद्र पटेल आदि ने बंद को सफल बताया। नागरिक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह, आनंद घिल्डियाल, कमलेश सिंह, अशोक सिंह, अमरजीत यादव, रंजन कुमार आदि ने कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर कानून वापस लिए जाने की मांग की।