देश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के चिह्निकरण के साथ ही जेनरिक दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। चीन से कच्चे माल का आयात न होने से पैरासीटामोल, एजिथ्रोमाइसिन समेत 33 प्रकार की जेनरिक दवाएं महंगी हो गई हैं। कोरोना इफे क्ट से जिन दवाओं के दाम चढ़े हैं, उनमें अधिकतर पेन किलर और इस बदले मौसम में काम आने वाली एंटीबायोटिक्स हैं।
कोरोना का असरः 33 जेनरिक दवाएं हुईं महंगी, जानें किस दवा के कितने दाम बढ़े
दवा के थोक बाजार लीडर रोड में दर्जनों दवा की दुकानें हैं। इनमें पांच ऐसी हैं, जहां जेनरिक दवाओं की पूरी रेंज एक बार में मिल जाती है। दिन भर मेडिकल स्टोर वाले खुदरा दवा बेचने के लिए इन्हीं थोक दवा विक्रेताओं के यहां खरीदारी करते हैं। थोक दवा कारोबारियों के मुताबिक सभी दवा निर्माता कंपनियां अधिकतर एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंप्रेडिएंस (कच्चा माल) चीन से आयात करती हैं। चीन में फैले कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से बीते करीब डेढ़ महीने से आयात बिल्कुल ठप है। नतीजा सामने है, दवा कंपनियां दवाओं के दाम धीरे-धीरे बढ़ा रही हैं।
दवा कारोबारियों के मुताबिक सर्वाधिक दिक्कत दवाओं की कम आपूर्ति बनी है। बढ़े दामों पर दवाओं की आपूर्ति कब तक पटरी पर आएगी, इस बारे में कंपनियां, एमआर भी सही जानकारी नहीं दे पा रही हैं। पुराना स्टाक समाप्त होने पर नई खेप में दवाओं के दाम डेढ़ से दोगुना बढ़े हैं। बदलते मौसम में काम आने वाली सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ डायरिया के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के साथ बैक्टीरिया इंफेक्शन में के इलाज में काम आने वाली एंटीबायोटिक्स एजिथ्रोमाइसिन आदि के दाम चढ़े हैं। महंगी दवाओं का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है।
इन दवाओं के बढ़ गए दाम
दवा का नाम--- पहले दाम---अब बढ़े दाम
पैरासीटामोल ---80 रुपये---100 से 120 रुपये( 200 गोलियों का दाम)
एसिलोफिनिक पैरासीटामोल--110 रुपये---150 से 180 रुपये( 200 गोलियों का दाम)
एजिथ्रोमाइसिन--20 रुपये में तीन गोली--अब 28 से 30 रुपये
नारफ्लाक्स --12रुपये में दस गोली का पत्ता--अब 17 से 19 रुपये
नारफ्लाक्स टीजेड--20 रुपये में दस गोली का पत्ता--अब 28 से 30 रुपये
सिफरोफ्लाक्स--18 रुपये की दस गोली--अब 24 से 26 रुपये
सिफ रोफ्लाक्सासीन--14 रुपये की दस गोली का पत्ता--अब 18 से 20 रुपये
आइबू पैरा--8 रुपये की दस गोली का पत्ता--अब 11 से 13 रुपये
(दवाओं के दाम थोक विक्रेताओं के मुताबिक) प्रिंट रेट और अधिक है।
मास्क की दरें अनियंत्रित, मनमाने दाम
दवा बाजार में मास्क की दरें अनियंत्रित हो गई हैं। दो रुपये का सामान्य मास्क फुटकर में 20 से 30 रुपये में मुश्किल से मिल पा रहा है। वहीं थ्री लेयर और एन-95 मास्क का स्टाक थोक बाजार में समाप्त हो चुका है। फुटकर में जिस मेडिकल स्टोर वाले के पास मास्क हैं, वह मनमानी कीमत वसूल कर रहे हैं।