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यूपी में 4 का कत्ल: हत्याकांड के बाद उठे सवाल, करोड़ों की संपत्ति का हकदार कौन? छोटा बेटा है संपत्ति से बेदखल
Thu, 04 Jun 2026 02:24 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 04 Jun 2026 02:24 PM IST
सार
प्रयागराज में वैश्य परिवार के चार लोगों की हत्या सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों की संपत्ति का हकदार कौन होगा? करीब 15 साल पहले छोटे बेटे को संपत्ति से बेदखल किया जा चुका है। इसके बाद अश्विनी परिवार से अलग रहने लगा।
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Prayagraj mass murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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प्रयागराज में वैश्य परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद एक सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। कारोबारी वीरेंद्र, उनकी पत्नी अनीता, बेटे अभिषेक और बेटी मीनाक्षी की हत्या के बाद करोड़ों रुपये की संपत्ति का वास्तविक उत्तराधिकारी कौन होगा? स्थानीय लोगों के अनुसार, वीरेंद्र ने अपने दोनों बेटों को अलग-अलग समय पर संपत्ति से बेदखल कर दिया था। बड़े बेटे अश्विनी वैश्य ने करीब 15 वर्ष पहले परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह कर लिया था। इससे नाराज होकर वीरेंद्र ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद अश्विनी परिवार से अलग रहने लगा। वहीं, वर्ष 2022 में वीरेंद्र ने अपने दूसरे बेटे अभिषेक को भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि पिता-पुत्र के बीच संपत्ति और आर्थिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
प्रयागराज में कारोबारी का घर और दुकानें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जवाब अभी स्पष्ट नहीं... परिवार का इकलौता जीवित
सदस्य अश्विनी वैश्य है, जो वर्तमान में कौशाम्बी जेल में बंद है। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या वह संपत्ति का वारिस होगा? या फिर बेदखली के दस्तावेज उसके अधिकारों को प्रभावित करेंगे। चर्चा है कि संपत्ति के उत्तराधिकार का प्रश्न भविष्य में राजस्व और दीवानी अदालतों के समक्ष भी पहुंच सकता है। इसलिए करोड़ों रुपये की संपत्ति का वास्तविक मालिक कौन होगा, इसका जवाब अभी स्पष्ट नहीं है।
सदस्य अश्विनी वैश्य है, जो वर्तमान में कौशाम्बी जेल में बंद है। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या वह संपत्ति का वारिस होगा? या फिर बेदखली के दस्तावेज उसके अधिकारों को प्रभावित करेंगे। चर्चा है कि संपत्ति के उत्तराधिकार का प्रश्न भविष्य में राजस्व और दीवानी अदालतों के समक्ष भी पहुंच सकता है। इसलिए करोड़ों रुपये की संपत्ति का वास्तविक मालिक कौन होगा, इसका जवाब अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, मौके पर जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेदखली का मतलब उत्तराधिकार खत्म होना नहीं: अधिवक्ता
अधिवक्ता प्रणेश मिश्रा ने बताया कि किसी व्यक्ति के बेटे या बेटी को संपत्ति से बेदखल करने की सार्वजनिक घोषणा और वैधानिक उत्तराधिकार दो अलग-अलग विषय हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति स्वयं अर्जित है या पैतृक है।
अधिवक्ता प्रणेश मिश्रा ने बताया कि किसी व्यक्ति के बेटे या बेटी को संपत्ति से बेदखल करने की सार्वजनिक घोषणा और वैधानिक उत्तराधिकार दो अलग-अलग विषय हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति स्वयं अर्जित है या पैतृक है।
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अनीता वैश्य की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेदखली किस कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी। यदि वीरेंद्र वैश्य ने अपनी स्वयं अर्जित संपत्ति के संबंध में विधिवत वसीयत बनाई है, तो संपत्ति का बंटवारा वसीयत के अनुसार हो सकता है। यदि कोई वैध वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकार के नियम लागू होंगे। जीवित कानूनी वारिसों के अधिकारों पर विचार किया जाएगा।
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प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, शवों को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्याकांड के दूसरे दिन भी नहीं थमी चर्चा, सील मकान के बाहर जुटते रहे लोग
साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात का असर दूसरे दिन भी पूरे इलाके में देखने को मिला। बुधवार को भी घटनास्थल के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही। सील किए गए मकान और बंद दुकानों को देखने के लिए आसपास के लोग पहुंचते रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। पुलिस की निगरानी भी दिनभर बनी रही।
साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात का असर दूसरे दिन भी पूरे इलाके में देखने को मिला। बुधवार को भी घटनास्थल के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही। सील किए गए मकान और बंद दुकानों को देखने के लिए आसपास के लोग पहुंचते रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। पुलिस की निगरानी भी दिनभर बनी रही।