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प्रयागराज में हजारों करोड़ का नुकसान, कर्मचारियों का वेतन भी अटका

Fri, 01 May 2020 12:38 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 01 May 2020 12:38 AM IST
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Prayagraj: loss of thousands of crores, salary of employees also stalled
prayagraj news - फोटो : prayagraj
कोरोना वायरस की वजह से पिछले माह 22 मार्च से चल रही बंदी के बृहस्पतिवार 30 अप्रैल को 40 दिन पूरे हो गए। आवश्यक सेवाओं के अलावा शहर का अन्य कारोबार बंद होने की वजह से कारोबारी खासे परेशान हैं। कारोबारियों का कहना है कि उनकी बड़ी चिंता है कि ठप कारोबार से वह अपने कर्मचारियों का वेतन, बिजली का बिल, बैंक का ब्याज एवं अन्य भुगतानों का जुगाड़ कैसे करेंगे।
Prayagraj: loss of thousands of crores, salary of employees also stalled
prayagraj news - फोटो : prayagraj
वहीं, व्यापारिक संगठनों ने कहा कि इतनी लंबी अवधि तक चलने वाली बंदी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। सरकार को चाहिए कि वह तत्काल कारोबारियों को आर्थिक पैकेज मुहैया कराए। पिछले माह 22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के बाद से ही शहर का बाजार बंद है और आवश्यक वस्तुओं की ही दुकानें खुली हुई हैं। यानी कि इन 40 दिनों से शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, कपड़ा, ऑटो मोबाइल, फुटवियर, इलेक्ट्रानिक्स, ज्वैलरी शोरूम, हाईवेयर, सीमेंट आदि की सभी दुकानें एवं शोरूम बंद हैं।
Prayagraj: loss of thousands of crores, salary of employees also stalled
prayagraj news - फोटो : prayagraj
इन 40 दिनों के दौरान ही कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स  (कैट) ने पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के  नुकसान का अनुमान सिर्फ प्रयागराज में ही लगाया है। लगातार दुकानें, शोरूम आदि बंद होने से कारोबारी खासे परेशान हैं। प्रयागराज जिले में औसतन एक दिन में 1़10 से 130 करोड़ तक का कारोबार होता है।
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Prayagraj: loss of thousands of crores, salary of employees also stalled
prayagraj news - फोटो : prayagraj
प्रयाग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष मोहम्मद कादिर कहते हैं कि बीते माह 22 मार्च से लॉकडाउन होने से व्यापारियों को अब तक काफी नुकसान हो चुका है। अब भी तय नहीं है कि लॉक डाउन तीन मई के बाद बढ़ेगा या नहीं। अगर बढ़ता है तो निश्चित ही कारोबारियों के आने वाला समय बेहद कष्टकारी हो सकता है। हालांकि जब पूरी दुनिया में जब इस बीमारी का प्रकोप है तो सरकार ने लोगों की जान बचाने के लिए और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए लॉक डाउन कर रखा है। लॉक डाउन खत्म होने के इंतजार के अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj


आर्थिक पैकेज की ओर देख रहे हैं व्यापारी
 बाजार बंद होने के बाद व्यापारियों को अब उम्मीद है कि केंद्र सरकार शायद उनके लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा कर दे। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि पिछले दिनों कैट के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पीएम और वित्त मंत्री से देश भर के व्यापारिक समुदाय के लिए एक आर्थिक पैकेज की मांग मजबूती से उठाई है। देश भर में व्यापारी वर्ग ही ऐसा है जो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकार ने अर्थव्यवस्था के लिए जब अन्य वर्ग के लिए कई पैकेजों की घोषणा की है तो वही व्यापारियों के लिए भी आर्थिक पैैकेज की घोषणा करे।
 
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