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प्रयागराजः गंगा-यमुना का गुस्सा शांत होने की ओर, बाढ़ग्रस्त इलाकों की नींव हिली

Sat, 21 Sep 2019 01:56 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Sep 2019 01:56 AM IST
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Prayagraj: Ganga-Yamuna's anger towards calm, cracks found in houses of flooded areas
prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज

एमपी, राजस्थान या उत्तराखंड में भारी बारिश नहीं हुई या फिर बांधों से बड़ी जलराशि नहीं छोड़ी गई तो अगले 24 घंटे में गंगा-यमुना में बढ़ते बाढ़ के खतरे पर लगाम लग सकती है। शुक्रवार को फिलहाल केन बेतवा या फिर चंबल के बांधों से पानी न छोड़े जाने की वजह से थोड़ी राहत महसूस की गई। कुछ जगहों पर यमुना के घटने से ऊपर से प्रवाह कमजोर होने लगा है। देर शाम जलस्तर के ट्रेंड के अनुसार शनिवार तक यहां भी गंगा-यमुना के स्थिर होने का अनुमान है।



संगमनगरी में रात आठ बजे गंगा खतरे के निशान से करीब 0.84 मीटर और यमुना 0.83 मीटर ऊपर बहती रही। शुक्रवार को दोनों नदियों के जलस्तर के ट्रेंड में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। फाफामऊ में गंगा भोर तक 1.50 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही थी, जबकि सुबह इस जगह जलस्तर में वृद्धि की दर दो सेमी प्रति घंटा रिकार्ड की गई। इसी तरह दोपहर 12 बजे के बाद गंगा की रफ्तार घट कर एक सेमी प्रति घंटा पर आ गई।

इसी तरह छतनाग में भी गंगा दो सेमी से घटकर एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार पर आ गई। जबकि यमुना में भी 24 घंटे के भीतर कई बार उतार-चढ़ाव आता रहा। बृहस्पतिवार को यमुना जहां एक और डेढ़ सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही थी वहीं शुक्रवार को दिन भर सो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि जारी रही। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार दोपहर से हमीरपुर में चार सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर घटने लगा है।
फिलहाल गंगा-यमुना के रौद्र रूप से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराया हुआ है। शुक्रवार को गंगा-यमुना के तटवर्ती चार दर्जन से अधिक नए मुहल्लों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। इससे दिन भर गृहस्थी बचाने को लेकर अफरा तफरी मची रही।
 

गंगा का जलस्तर रात 12 बजे अपडेट
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फाफामऊ -85.63 मीटर
छतनाग -  84.90 मीटर
यमुना का जलस्तर
नैनी - 85.10 मीटर
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खतरे का निशान- 84.73 मीटर

Prayagraj: Ganga-Yamuna's anger towards calm, cracks found in houses of flooded areas
prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज

बाढ़ के साथ गंगा यमुना की लहरें मकानों के लिए काल साबित  हो रही हैं।  तेज हवा के साथ नदियों में उठ रही ऊंची लहरें निचले इलाकों के मकानों से टकरा रही हैं। इस वजह से बाढ़ से प्रभावित कई मोहल्लों के मकानों में दरार आनी शुरू हो गई है। बघाड़ा में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गंगा की लहरों में समा  गई। उधर सलोरी के कैलाशपुरी इलाके में भी शुक्रवार भोर एक मकान की बाउंड्रीवाल गिरने से हड़कंप मच गया। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित शहर के तमाम मोहल्लों में पानी से घिरे मकानों में दरार आनी शुरू हो गई। इससे भवन स्वामी खासे परेशान है। बाढ़ की भयावहता की वजह से लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द यह पानी  उतर जाए। 

Prayagraj: Ganga-Yamuna's anger towards calm, cracks found in houses of flooded areas
prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज

कछारी इलाके लबालब होने के बाद बाढ़ का पानी लगातार घनी  बस्ती वाले मोहल्लों की ओर  बढ़ रहा है। इसके साइड इफेक्ट भी दिखने शुरू हो  गए हैं। गंगा  यमुना की तेज थपेड़े लगातार मकान सह रहे हैं। इस वजह से तमाम मकानों में दरार आनी शुरू हो गई है। गोविंदपुर, चांदपुर गांव, सलोरी, भुलई का पुरा, राजापुर कछार आदि इलाकों में बने दो दर्जन से  ज्यादा मकानों में प्लास्टर हटने के साथ ईंटों के बीच लगा सीमेंट बालू का मसाला भी हटने लगा है। इसकी वजह से घरों की दीवारें भी कमजोर होने लगी हैं।

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Prayagraj: Ganga-Yamuna's anger towards calm, cracks found in houses of flooded areas
prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज

इस बीच बाढ़ के पानी से घिरे मकान में अब भी सैकड़ों की संख्या में लोग रह रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम इन लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं लेकिन तमाम लोग अब भी अपने घर से बाहर निकलने को तैयार नहीं है। इनमें से कुछ मकान ऐसे भी हैं जिसमें दरार दिखाई पड़ रही है। सलोरी के रविंद्र सिंह, प्रेमलता गुप्ता ने बताया कि उनके तमाम परिचित लोग घर में चोरी न हो इस वजह से उसे खाली करने से कतरा रहे हैं। हर रोज खाना, पानी आदि नाव के माध्यम से संबंधित घरों में रह रहे लोगों को भेजा जा रहा है। एनडीआरएफ सौरभ कुमार ने बताया कि संबंधित घरों से लोग निकलने को तैयार नहीं हो रहें हैं, जबकि उनसे बार-बार घर छोड़ने के लिए आग्रह किया जा रहा है।

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Prayagraj: Ganga-Yamuna's anger towards calm, cracks found in houses of flooded areas
prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज

बाढ़ की वजह से शहर के सैकड़ों मकान जलमग्न हो गए हैं। दर्जनों मकान ऐसे हैं जिनका एक-एक तल पानी में डूब गया है। घर में रखे फर्नीचर, बिस्तर आदि भी बाढ़ की वजह से नष्ट हो गए हैं। बघाड़ा के प्रतियोगी छात्र अखिलेश्वर मिश्र ने बताया कि दो दिन पहले आनन फानन में उन्हें बाढ़ के पानी की वजह से लॉज छोड़नी पड़ी। जरूरी किताबें और कुछ कपड़े ही वे साथ लेकर आए। बाकी सामान घर में ही रह गया। अब संबंधित लॉज का एक तल पानी में डूब गया है। रूम में कपड़े, बिस्तर आदि निश्चित ही नष्ट हो गए होेंगे।

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