प्रयागराज। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं एवं बच्चियाें संग वार्ता कर एक नया अध्याय लिखने के साथ उनके मन-मस्तिष्क पर भी अमिट छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री की सहजता की कायल महिलाओं ने उन्हें अपने पिता तुल्य बताया। उनका कहना था, ‘लगा ही नहीं कि सामने प्रधानमंत्री हैं, वह पिता के रूप में नजर आए।’
प्रयागराज : पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उत्साहित महिलाओं-बच्चियों ने कहा, जैसे पिता हाें सामने
सहारनपुर की शबाना परवीन बीसी सखी के प्रशिक्षण के दौरान गर्भवती थीं। कार्यक्रम में बच्चे को लेकर पहुंचीं शबाना के हौसले को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने उनसे यह जानने की कोशिश की कि बच्चे को गोद में लेकर अपने काम कैसे कर लेती हैं।
पीएम से मिलने के बाद काफी उत्साहित रहीं महिलाएं
बेटे को प्रधानमंत्री से दुलार मिलने से सपना काफी उत्साहित और भावुक रहीं। उनका कहना था कि यह सब उनके लिए सपनों जैसा है। पुष्टाहार बनाने के काम से जुड़ीं फतेहपुर की रजनी देवी, विमला देवी आदि से भी प्रधानमंत्री ने उनके काम के बारे में पूछा।
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के काम की महत्ता को बताते हुए स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन बनाने की अपील की। प्रधानमंत्री से मिलने वाली कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बच्चियाें में खासा उत्साह दिखा। प्रयागराज के बेनीगंज की अंकिता, मीरापुर की शालिनी ने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलना बहुत अच्छा लगा। शहर के दारागंज की स्वास्तिक गुप्ता से प्रधानमंत्री ने योजना तथा इससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी ली।
बच्चियों को दी खूब पढ़ने की नसीहत
चौक की सेजल वर्मा, मुट्ठीगंज की दिव्या गुप्ता से भी प्रधानमंत्री ने योजना के बारे में पूछा तो इन बच्चियों ने उनसे फिर मिलने की इच्छा जताई। नन्हीं बच्ची अंशिका कुमारी से प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि कोरोना संक्रमण के दौरान स्कूल बंद रहने पर क्या किया। अंशिका ने जवाब दिया कि ऑनलाइन कक्षाएं चलीं थीं। अब स्कूल जाने लगे हैं। प्रधानमंत्री ने बच्चियों को खूब पढ़ने और आगे बढ़ने की सीख दी। संवाद में शामिल अन्य महिलाओं तथा बच्चियों से भी प्रधानमंत्री ने उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा। साथ ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
18, 19 को मिली थी पीएम से वार्ता की सूचना
प्रधामंत्री संग संवाद की सूचना चयनित महिलाओं और बच्चियों को 18 एवं 19 दिसंबर को दी गई थी। सभी का कोविड टेस्ट भी कराया गया था। बीसी सखियों ने बताया कि उन्हें 19 दिसंबर को फोन पर जानकारी दी गई। इसके बाद तहसील पर बुलाकर पीले रंग की साड़ी दी गई। सोमवार को ही वह प्रयागराज आ गईं थीं। बीसी सखियों की टोली में अलग-अलग जिलाें की कुल 25 महिलाएं शामिल रहीं। पुष्टाहार से जुड़ी महिलाओं को 18 दिसंबर को सूचना दी गई थीं।
इसमें फतेहपुर तथा उन्नाव की 10-10 महिलाएं शामिल रहीं। वहीं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की 25 लाभार्थियों का चयन प्रयागराज एवं प्रतापगढ़ से हुआ था। इन्हें भी 18 दिसंबर को सूचना दी गई थी। प्रयागराज की लाभार्थियों को प्रशिक्षण तथा अन्य प्रक्रिया के बाद घर जाने दिया गया तथा मंगलवार की सुबह ही वह सेंटर पर पहुंची। इस तरह से प्रधानमंत्री के साथ संवाद कार्यक्रम में कुल 70 महिलाएं एवं बालिकाएं शामिल रहीं।
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री ने देखी योजनाओं की प्रगति
परेड मैदान में पहुंचे प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं एवं उसकी प्रगति के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शनी लाभार्थियों संग संवाद कार्यक्रम के लिए बने पंडाल में बैनर-पोस्टर के माध्यम से लगाई गई थी।
काश, सेल्फी का भी मौका मिल जाता
पीएम के साथ वार्ता का अवसर मिलने से बच्चियों में उत्साह तो रहा लेकिन उनमें प्रधानमंत्री संग सेल्फी न ले पाने की टीस भी रही। उनका कहना था कि मोबाइल नहीं ले जाने दिया, इसलिए वह फोटो नहीं ले पाईं। प्रधानमंत्री की तरफ से भी किसी ने सेल्फी नहीं ली। हालांकि बच्चियों ने जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा अन्य अफसरों से संवाद कार्यक्रम के दौरान लिए गए फोटो उपलब्ध कराने की मांग की।