परेड ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में वैसे तो लाखों महिलाओं को जुटे देख आयोजनकर्ता गदगद दिखे। लेकिन इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया, जब न सिर्फ आयोजक बल्कि पुलिस-प्रशासन के अफसरों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
प्रयागराज : पीएम मोदी की सभा में कुर्सियां खाली होते देख चढ़ा मंत्री का पारा, अफसरों के फूले हाथ-पांव
वाकया दोपहर 2.15 के करीब का है। प्रधानमंत्री का संबोधन शुरू हो चुका था और कार्यक्रम आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक मंच के बाईं ओर बैठीं महिलाएं उठकर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने लगीं।
भागते हुए मंत्री पहुंचे मौके पर
वह मंच के पीछे से निकलकर पैदल ही लगभग भागते हुए लाल सड़क पर स्थित कार्यक्रम स्थल के इंट्री गेट पर पहुंच गए। उधर, मंत्री को जाते देख कमिश्नर संजय गोयल व डीएम संजय खत्री और वहां मौजूद पुलिसवाले भी उनके पीछे-पीछे चलने लगे। मंत्री सीधे मंच के पास मीडिया गैलरी की ओर बने इंट्री गेट पर पहुंच गए। वहां पहुंचने पर भी उन्होंने देखा कि महिलाओं का कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने का सिलसिला जारी था।
इस पर उन्होंने पूछा कि यहां किसकी ड्यूटी है। जिस पर डीएम के हाथ-पांव फूल गए और वह कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद मंत्री इंट्री गेट से कुछ दूर पर जाकर खड़े हो गए और फिर करीब पांच मिनट तक उन्होंने किसी से कुछ नहीं बोला। उधर मंत्री का मूड भांपकर गेट पर मौजूद पुलिस व अन्य कर्मचारियों ने कुछ देर के लिए इस गेट से बाहर निकलने पर रोक लगा दी। महिलाओं से कहा गया कि कार्यक्रम चल रहा है, ऐसे में वह कुछ देर तक बाहर न निकलें।
इसके बाद गेट से निकलने पर रोक लगा दी गई। उधर कुछ देर बाद मंत्री वापस चले गए। जबकि डीएम काफी देर तक भीड़ प्रबंधन में जुटे रहे। इस मामले में एक और बात सामने आई कि जिस तरफ से महिलाएं उठकर कार्यक्रम स्थल के बाहर जा रही थीं, उधर से मंच स्पष्ट दिख नहीं रहा था। यही वजह थी कि महिलाएं भाषण खत्म होने से पहले ही बाहर निकलने लगीं।
आयोजन से पहले स्पष्ट निर्देश थे कि कार्यक्रम स्थल के भीतर मीडिया के अलावा सिर्फ महिलाएं ही जाएंगी। आयोजन के काफी देर तक इन निर्देशों का पालन भी हुआ। यहां तक कि जनप्रतिनिधियों के समर्थकों को भी इंट्री नहीं दी गई और उन्हें बाहर ही रखा गया। हालांकि कुर्सियां खाली होने पर मंत्री के नाराजगी जताने के बाद सुरक्षाकर्मियों की हालत ऐसी हुई कि उन्होंने पुरुषों को भी कार्यक्रम स्थल में इंट्री दे दी।
परेड मैदान की भर गईं कुर्सियां तो वापस बसों में भेज दी गईं महिलाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में स्थान उपलब्ध न होने से बाहरी जिलों से आई तमाम महिलाएं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकी। इस वजह से यह महिलाएं मायूस भी हुई। परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बरेली से आई महिलाएं कुछ विलंब से पहुंचीं। तब तक परेड मैदान की सभी कुर्सियां भर गईं। वहां जगह न देखते हुए उन महिलाओं को वापस उनकी बस में जाने को कह दिया गया। इसी तरह फतेहपुर जिले से आई महिलाएं भी यहां बस से दिन में दो बजे पहुंचीं।
विलंब से आने की वजह से उनकी बस परेड ग्राउंड के पार्किंग स्थल पर नहीं पहुंच सकी। बाद में उनकी बस शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में आकर खड़ी कर दी गई। इस बस के बाहर खड़ी महिला कुसुम ने बताया कि बस आने में लेट हो गई। यहां पहुंचने पर मालूम पड़ा पीएम का कार्यक्रम खत्म होने वाला है। फतेहपुर से ही आई महिला रेखा कुमारी ने बताया कि पीएम के कार्यक्रम में न पहुंच पाने का काफी मलाल है। ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर कभी कभार ही मिलता है।