ब्लॉक प्रमुख पद के लिए आज दिन में 11 से तीन बजे के बीच मतदान होगा। मतदान के तत्काल बाद मतगणना शुरू हो जाएगी। किसी तरह का विवाद नहीं हुआ तो शाम तक सभी ब्लॉक में परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी। जिले में कुल 23 ब्लॉक हैं। इनमें से कौंधियारा और प्रतापपुर में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इस तरह से 21 ब्लॉक में मतदान होगा। इन सीटों पर कुल 51 प्रत्याशी मैदान में हैं। ज्यादातर सीटों पर भाजपा और सपा समर्थित उम्मीदवारों के बीच लड़ाई है।
ब्लॉक प्रमुख की 21 सीटों के लिए मतदान आज, दो पर निर्विरोध निर्वाचन
ब्लॉक प्रमुख पद के लिए शनिवार को दिन में 11 से तीन बजे के बीच मतदान होगा। मतदान के तत्काल बाद मतगणना शुरू हो जाएगी। किसी तरह का विवाद नहीं हुआ तो शाम तक सभी ब्लॉक में परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी।
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63 मतदाताओं ने मांगे सहयोगी
आठ ब्लाक के 63 मतदाताओं ने मतदान के लिए सहयोगी की मांग की है। इनमें से ज्यादातर निरक्षर हैं। इसकी वजह से मतपत्र पढ़ पाने में असमर्थ हैं। इसलिए उन्होंने सहयोगी की मांग की है।
प्रतापपुर में भाजपा के शैलेष, कौंधियारा में सपा के इंद्रनाथ निर्वाचित
कौंधियारा में सपा समर्थित इंद्रनाथ मिश्रा और प्रतापपुर में भाजपा के शैलेष कुमार यादव निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। कौंधियारा में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सोम करन पटेल को प्रस्तावक और समर्थक ही नहीं मिले थे। इसकी वजह से उनका नामांकन खारिज हो गया था। वहीं इंद्रनाथ के अलावा बहू आस्था ने भी पर्चा भरा था लेकिन बहू ने शुक्रवार को नाम वापस ले लिया। इस तरह से इंद्रनाथ निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इंद्रनाथ इससे पहले 1988 और 1995 में भी ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। इस तरह से वह तीसरी बार ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए हैं।
इनके अलावा उनकी बहू अन्नू मिश्रा भी इस सीट से प्रमुख रह चुके हैं। वहीं प्रतापपुर में सपा ने पहले शैलेष कुमार यादव को ही प्रत्याशी बनाया था लेकिन उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं सपा ने शैलेष को पार्टी से निष्कासित करते हुए राधा देवी को प्रत्याशी घोषित किया लेकिन शुक्रवार को उन्होंने भी नाम वापस ले लिया। इस तरह से शैलेष निर्विरोध निर्वाचित हो गए। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि कांग्रेस नेताओं की ओर से भी दावा किया जा रहा है कि शैलेष को उन्होंने समर्थन दिया था। कांग्रेस की ओर से इस बाबत पत्र भी जारी किया गया है। इन दो सीटों के अलावा कौड़िहार में दो तथा फूलपुर एवं सहसों में भी एक-एक लोगों ने नाम वापस लिया। हालांकि, इन ब्लाक में अब भी दो-दो प्रत्याशी मैदान में हैं।
14 सीटों पर भाजपा और सपा के बीच सीधी लड़ाई
शुक्रवार को कुल छह लोगों ने नामांकन वापस लिए। इनमें से कौड़िहार में दो तथा फूलपुर, सहसों, प्रतापपुर एवं कौंधियारा में एक-एक नाम वापस लिए गए। नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई। कुल 53 प्रत्याशी मैदान में हैं। बहादुरपुर और हंडिया में सबसे अधिक चार-चार प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा 14 ब्लॉक में दो-दो प्रत्याशी बचे हैं। प्रतापपुर और कौंधियारा में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। शेष ब्लाक में त्रिकोणीय मुकाबला है।
मतदान से एक दिन पहले भी कई बीडीसी सदस्य गायब
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में धन बल के साथ बाहु बल का खेल भी शुरू हो गया है। स्थिति यह है कि मतदान से एक दिन पहले भी ज्यादातर सदस्य गायब हैं तो कई के सर्टिफिकेट ही रखवा लिए गए हैं। शुक्रवार को आठ क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने डुप्लीकेट सर्टिफिकेट बनवाए। वहीं कई अन्य ने आधार कार्ड पर वोट दिए जाने की मांग की है। ऐसे में हर सीट पर असमंजस की स्थिति बन गई है।
घूरपुर में एक बीडीसी सदस्य कई दिनों से लापता हैं। शुक्रवार को परिवार वालों ने अपहरण की आशंका जताते हुए मुकदमा लिखाया। आठ अन्य सदस्यों के भी लापता होने की शिकायत की गई है। यह स्थिति सभी ब्लॉक में है। बताया जा रहा है कि उन पर विपक्षी खेमे की भी नजर है। इसलिए उन्हें अब मतदान के दौरान ही सामने लाया जाएगा। इसके अलावा दिग्गज नेताओं ने कई सदस्यों के प्रमाण पत्र भी रखवा लिए हैं। इस चुनाव में जिनकी भूमिका संदिग्ध है उन्हें प्रमाण पत्र वापस भी नहीं किए जा रहे। इसका नतीजा है कि शुक्रवार को आठ सदस्यों ने डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनवाए।
देर रात तक आती रही सदस्यों को उठाने की शिकायतें
सदस्यों के घेराबंदी की कवायद मतदान से पहले की रात में भी होती रही। सदस्यों या उनके परिजनों को उठाए जाने की भी शिकायतें आईं। यमुनापार के ब्लाक में इस तरह की ज्यादा शिकायतें रहीं। सपा नेताओं ने पुलिस पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
वरिष्ठ नेताओं के घरों पर रखे गए सदस्य, वहीं से जाएंगे वोट देने
बीडीसी सदस्य दूसरे पक्ष के नेताओं के संपर्क में आने पाएं इसके लिए हर तरह की रणनीति अपनाई जा रही है। ज्यादातर सदस्यों को वरिष्ठ नेताओं एवं दबंगों के घरों में रखे गए हैं। एक वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि सदस्यों को वहां से सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा।
पंचायत चुनाव में हो रही खुली गुंडई : रेवती
सपा के वरिष्ठ नेता राज्य सभा सदस्य रेवती रमण सिंह ने ब्लाक प्रमुख चुनाव में खुली गुंडई होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 50 साल के राजनैतिक जीवन में मैंने इतनी अराजकता नहीं देखी। उन्होंने कहा कि विरोधियों को डराया-धमकाया जा रहा है। सरकार की नीतियों का विरोध करने वालों पर फर्जी मुकदमे लिखे जा रहेा हैं। उन्होंने पुलिस को आगाह किया कि किसी के इशारे पर काम न करें। सरकारें बदलती रहती हैं।
निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रेक्षक से मिले सपाई
सपा नेताओं ने शुक्रवार को प्रेक्षक से मुलाकात कर निष्पक्ष तरीके से ब्लॉक प्रमुख चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सपा समर्थित बीडीसी सदस्यों का उत्पीड़न कर रही है। इसके अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं ने अधिकांश सदस्यों के प्रमाण पत्र ले लिए हैं। जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात में सोरंाव के प्रत्याशी महेश देवी के पति अमर सिंह पासी, सपा के विधान सभा अध्यक्ष बच्चा यादव, ब्लाक अध्यक्ष केएल पटेल सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को थाने में बैठाए रखा।
अब उनका शांति भंग के आरोप में चालान कर दिया गया है। शंकरगढ़ की प्रत्याशी गुलाब कली की प्रस्तावक फूलकली यादव को भी पुलिस ने थाने में बैठाए रखा। सपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद करने की मांग की। साथ में यह भी मांग की कि जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं है उन्हें आधार कार्ड पर वोट देने दिया जाए। जिलाध्यक्ष ने श्रृंग्वेरपुर के भाजपा समर्थित प्रत्याशी को नजरबंद किए जाने की भी मांग की। प्रेक्षक से मिलने वालों में महासचिव संदीप सिंह पटेल, जिला प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, कुलदीप यादव, संतोष यादव, नाटे चौधरी आदि शामिल रहे।
2083 बीडीसी सदस्य करेंगे मतदान
जिले में कुल 2086 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इनमें शृंवेरपुर में दो तथा बहरिया में एक सदस्य का निधन हो चुका है। इस तरह से मतदान में 2083 सदस्य हिस्सा लेंगे।