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पर्दाफाश: खास एप से आतंकियों के संपर्क में था हुमैद, इस वजह से एटीएस के सामने खुद किया सरेंडर
Sun, 19 Sep 2021 10:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 19 Sep 2021 10:03 AM IST
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pakistan terror module
- फोटो : अमर उजाला
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आतंकी मॉड्यूल का मुख्य कर्ताधर्ता हुमैद उर रहमान ने यूं ही सरेंडर नहीं किया। इसके लिए भी एटीएस को खासा मशक्कत करनी पड़ी। एटीएस के जवान लगातार हुमैद के परिजनों से बातचीत में जुटे थे। उन्हें समझाया जा रहा था कि हुमैद पुलिस से बहुत दिनों तक बच नहीं पाएगा। ऐसे में ठीक यही रहेगा कि वह खुद को उनके हवाले कर दे। इसके बाद ही वह करेली थाने के पास पहुंचा जिसके बाद एटीएस ने उसे हिरासत में ले लिया। एटीएस की टीम लगातार हुमैद के परिजनों के संपर्क में थी। हुमैद की तलाश के साथ ही वह उनसे बातचीत में भी जुटी थी। दिल्ली पुलिस की ओेर से लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उस पर दबाव बढ़ गया था। एटीएस लगातार उसकी तलाश में छापे मार रही थी। साथ ही परिजनों को भी समझा रही थी कि जिस भी माध्यम से संपर्क हो, वह हुमैद से सरेंडर करने के लिए कहें।
जीशान
- फोटो : अमर उजाला
लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद उसके लिए फ्लाइट से भागने का विकल्प भी खत्म हो गया था। उधर रेलवे स्टेशनों पर पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। सीमा के सभी थानों की पुलिस को भी हाईअलर्ट पर कर दिया गया था। यही वजह थी कि हुमैद के पास कोई ऑप्शन नहीं बचा था। उधर एटीएस लगातार परिजनों के संपर्क में थी।
ओसामा
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में परिजनों न ही उसे सरेंडर करने के लिए कहा जिस पर आखिरकार वह राजी हो गया। इसके बाद शुक्रवार शाम वह करेली थाने के पास एटीएस के बताए स्थान पर पहुंच गया। इस दौरान उसके परिवार का एक सदस्य भी साथ था। इसके बाद एटीएस की टीम उसे अपने साथ लेकर पुलिस लाइन पहुंची जहां से कुछ देर बाद टीम उसे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई।
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अबु बकर
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एप के जरिए करते थे आपस में संपर्क
सूत्रों के मुताबिक, एटीएस को जो मोबाइल हुमैद के कब्जे से मिला है उसमें एक खास मोबाइल एप्लीकेशन भी इंस्टाल मिला है। इस एप्लीकेशन के जरिए दो नंबरों पर आपस में बात की जा सकती है। खास बात यह कि वह व्हाट्सएप का भी इस्तेमाल करता था। इसके बावजूद उसने खास लोगों से संपर्क करने के लिए यह एप डाउनलोड कर रखा था।
सूत्रों के मुताबिक, एटीएस को जो मोबाइल हुमैद के कब्जे से मिला है उसमें एक खास मोबाइल एप्लीकेशन भी इंस्टाल मिला है। इस एप्लीकेशन के जरिए दो नंबरों पर आपस में बात की जा सकती है। खास बात यह कि वह व्हाट्सएप का भी इस्तेमाल करता था। इसके बावजूद उसने खास लोगों से संपर्क करने के लिए यह एप डाउनलोड कर रखा था।
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मूलचंद
- फोटो : अमर उजाला
इस बात की भी चर्चा रही कि यही एप है जिसके जरिए वह दुबई में बैठे अपने भाई ओसैदुर्रहमान के भी संपर्क में था। ओसैदुर्रहमान के निर्देश पर ही वह देश में आतंकी मॉडयूल तैयार करने के साथ ही अन्य गतिविधियां संचालित कर रहा था।