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एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच में निगेटिव रिपोर्ट वालों को ही मिले माघ मेले में प्रवेश : हाईकोर्ट

Sat, 19 Dec 2020 09:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 19 Dec 2020 09:35 PM IST
सार

  1. माघ मेले के दौरान शहर को किले में करना होगा तब्दील: हाईकोर्ट
  2. मेले में कोरोना से बचाव की गाइड से हाईकोर्ट असंतुष्ट, विस्त़ृत गाइड लाइन प्रस्तुत करने का निर्देश
  3. ड्रग कंट्रोलर जनरल कार्यालय ने कहा, दो कंपनियों ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मांगी है अनुमति

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Only those who had negative reports in antigen and RTPCR investigation got admission in Magh Mela: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से कहा है कि माघ मेले के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शहर को किले में तब्दील करना होगा। मेले में बाहर से आने वाले उसी व्यक्ति को प्रवेश दिया जाए जिसकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव हो। वह भी शहर की सीमा पर ही एंटीजन टेस्ट और दुबारा आरटीपीसीआर जांच करने के बाद ही। कोर्ट ने माघ मेले के दौरान कोरोना से बचाव को लेकर जारी जिला प्रशासन की गाइड लाइन पर असंतोष जताते हुए नए सिरे से विस्तृत गाइड लाइन जारी करने का निर्देश दिया है। 

Only those who had negative reports in antigen and RTPCR investigation got admission in Magh Mela: High Court
prayagraj news : magh mela prayagraj - फोटो : अमर उजाला

कोरोना संक्रमण मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा है कि अथक प्रयासों के बाद प्रयागराज में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। यदि बिना निगेटिव रिपोर्ट के शहर मे बाहर से लोगो को आने दिया गया तो संक्रमण नियंत्रण के अब तक के सभी प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि जो 18 बिंदुओं की गाइड लाइन बनाई गई है वह सिर्फ जागरूकता संबंधी गाइड लाइन है।  कोर्ट ने सरकार को सुझाव दिया है कि न केवल मेला क्षेत्र की निगरानी हो वरन शहर मे गंगा यमुना किनारों पर भी ध्यान दिया जाए।

Only those who had negative reports in antigen and RTPCR investigation got admission in Magh Mela: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

अन्य जिलों में सतर्कता बढ़ाने का निर्देश

कोर्ट के निर्देश पर मेरठ,गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, व लखनऊ की पुलिस ने रिपोर्ट पेश की और,कोरोना गाइडलाइन लागू करने के लिए तैनात पुलिस कर्मियों के नाम सहित सूची दाखिल की। वकीलों ने कहा जिन पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है वह सही तरीके से निगरानी नहीं कर रहे हैं।कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को पुलिस को अधिक सक्रिय व जागरूकता बरतने का निर्देश दिया है। 

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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock

निकट भविष्य में वैक्सीन के आसार नहीं

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एस पी सिंह ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के हवाले से प्राप्त जानकारी कोर्ट में दी। बताया कि सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, फाइजर इंडिया लिमिटेड ने वैक्सीन के इमरजेेंसी इस्तेमाल की अनुमति मांगी है। इसके लिए विधिवत गठित कमेटी क्लीनिकल ट्रायल के डाटा का अध्ययन कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही वैक्सीन के उपयोग की अनुमति देने पर निर्णय हो सकेगा। कमेटी ने सेरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से और डाटा की मांग की है जबकि फायजर ने समय मांगा है।

कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से संयुक्त निदेशक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया डाक्टर पी बी एन प्रसाद व ला कंसल्टेन्ट ऋषि कान्त सिंह से वैक्सीन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया अभी क्लिनिकल ट्रायल किया जा,रहा है। इसपर कोर्ट ने कहा कि फिलहाल वैक्सीन दिखाई नहीं दे रही है। कोविड संक्रमण से संघर्ष जारी है। कोर्ट ने स्कूल कालेजों को न्यूनतम स्टाफ व छात्रों के साथ सुरक्षा उपायों से कार्य करने को कहा है। क्योंकि अभी वैक्सीन नही है और कोरोना संक्रमण जारी है।

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कोर्ट - फोटो : demo

दस दिन में नगर निगम, पीडीए को जारी करें फंड

पिछले आदेश के अनुपालन में कोर्ट में हाजिर हुए पीडीए उपाध्यक्ष व नगर आयुक्त ने बताया विकास कार्य तेजी से जारी है। कुछ कार्य फंड की कमी के कारण रुके हुए है। जवाहर लाल नेहरू रोड स्थित नाला व तालाब की पुनर्बहाली मे फंड की कमी बाधक है। अपील मे 50 फीसदी जमीन तालाब तय हुई हो जो निगम को दी गई है। कोर्ट ने निगम को तालाब का मूल स्वरूप बहाल करने के लिए कहा है। कोर्ट ने पीडीए, नगर निगम को इस्टीमेट व ब्लू प्रिंट तैयार कर पेश करने को कहा है और राज्य सरकार को दस दिन में फंड देने  का निर्देश दिया है। 

पार्किंग के व्ययासिक उपयोग की जांच करें

कोर्ट ने नक्शे में पार्किंग स्थल का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों पर कार्यवाही कर पार्किंग बहाल करने का निर्देश दिया है। बताया गया कि सिर्फ सरदार पटेल मार्ग के दुकानदारों को नोटिस दिया गया है। इस पर कोर्ट ने शहर के अन्य इलाकों में पार्किंग के व्यवसायिक उपयोग की जांच करने के लिए कहा है। एडवोकेट कमिश्नरों की रिपोर्ट पर नगर आयुक्त को कार्रवाई करने का भी आदेश दियाहै और कहा है कि दोनों प्राधिकारी आदेश का पालन करें।याचिका की सुनवाई सात जनवरी को होगी।
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