सुविधाओं में कटौती पर तीर्थपुरोहितों में भी जबरदस्त गुस्सा है। शनिवार को प्रयागवाल सभा प्रयाग के तीर्थ पुरोहितों को मेला प्रशासन की ओर से छावनी संबंधित सुविधाएं तो जारी करने के बाद बैठक कर नाराजगी जताई गई। कहा गया कि तीर्थपुरोहितों-कल्पवासियों के लिए सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। पांच बिस्वा भूमि आवंटन वाले तीर्थ पुरोहितों को एक छोलदारी और एक शौचालय दिया गया। तीर्थपुरोहितों माघ मेले में पहली बार सुविधाओं में व्यापक कटौती का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पांच बिस्वा भूमि पर कम से कम 10 छोलदारी और पांच शौचालय आवंटित करने की तीर्थपुरोहितों ने गुहार लगाई है। चेताया कि अगर उनकी नहीं सुनी गई तो वह सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
पांच बिस्वा भूमि पर एक छोलदारी, भड़के तीर्थपुरोहित
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छोलदारी, शौचालय के अलावा न सुविधाओं में इस बार कटौती से संतों, तीर्थपुरोहितों में जहां गुस्सा है, वहींउनकी परेशानी भी बढ़ गई है। छावनी व शौचालय की पर्याप्त सुविधाएं सिर्फ बड़ी संस्थाओं व रसूखदार संतों को ही आवंटित की गई हैं। पौष पूर्णिमा स्नान तो किसी तरह गुजर गया, लेकिन अब मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या पर तीर्थ पुरोहितों-संतों को कल्पवासियों और भक्तों के लिए अपनी ओर से इंतजाम करने पड़ेंगे।
संगम पर वसंत पंचमी स्नान करेगी गंगा यात्रा
अविरल और प्रदूषण मुक्त गंगा के लिए बलिया से कानपुर के बीच निकलने वाली गंगा यात्रा के सदस्य वसंती पंचमी पर संगम स्नान करेंगे। पहले इसमें मुख्यमंत्री के शामिल होने की भी बात की जा रही थी, लेकिन मुख्य स्नान पर्वों पर प्रोटोकाल लागू नहीं होता। ऐसे में मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो पाएंगे इसे लेकर संशय बन गया है।