शादी के बाद हनीमून पर सिक्किम गए प्रतापगढ़ के नवदंपती का 13 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा। बेटे कौशलेंद्र और बहू अंकिता की तलाश में सिक्किम गए शेर बहादुर रिश्तेदारों संग मंगलवार की शाम घर लौट आए। उनके घर पहुंचते ही मातमी सन्नाटा टूट पड़ा।
उदयपुर के राहाटीकर निवासी भाजपा नेता उम्मेद सिंह के भतीजे कौशलेंद्र और बहू अंकिता सिंह 24 मई को हनीमून मनाने सिक्किम गए। 29 मई को गंगटोक से लौटते समय मुंशीथांग के करीब 1000 फिट ऊंचाई से सैलानियों से भरा वाहन तीस्ता नदी में गिर गया था। आठ सैलानी गायब हो गए, जिसमें कौशलेंद्र व अंकिता भी शामिल रही।
2 of 10
सिक्किम से बेटे बहू की तलाश कर लौटे घर पर बिलखते परिजन
- फोटो : सोशल मीडिया
वाहन का पहिया और साइलेंसर, कपड़े मिले
जानकारी मिलने के बाद कौशलेंद्र के पिता शेर बहादुर, अंकिता के भाई सौरभ सिंह, चाचा और अपने साले दीपक के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जहां मौसम खराब होने के कारण बचाव अभियान में दिक्कत आई। अब मौसम साफ होने पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व सेना गायब सैलानियों की तलाश में जुटे। सोमवार को वाहन का पहिया और साइलेंसर, कपड़े मिले। जिसमे एक भी कपड़ा कौशलेंद्र का नहीं था।
3 of 10
बहू-बेटे की तलाश कर सांगीपुर के राहाटीकर लौटे पिता शेर बहादुर सिंह के घर जुटी भीड़
- फोटो : सोशल मीडिया
शेर बहादुर की आंखों से लगातार निकल रहे हैं आंसू
मंगलवार की शाम घर लौटे शेर बहादुर की आंखों से लगातार आंसू निकल रहे हैं। रिश्तेदार और परिवार के लोग भी सुबकते नजर आए। रोते हुए शेर बहादुर ने तीस्ता नदी और घटनास्थल के भयावह नजारे को सभी से साझा किया। कहा कि अब हजारों फिट खाई में बहने वाली तीस्ता नदी के चट्टान और मलबे को कैसे हटाकर खोजबीन किया जा सकता है। घटनास्थल से करीब आठ किमी दूर चुंगथांग तक टीमें खोजबीन कर रही है।
4 of 10
प्रतापगढ़ के दंपती लापता
- फोटो : सोशल मीडिया
नदी का बहाव अब पहले जैसा हो गया लेकिन मलबों के बीच खोजबीन करना आसान नहीं है। अभी तक उनके बच्चों से जुड़ा कोई सामान नहीं मिला। अफसरों के आश्वासन पर वे लौट आए हैं। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल से मुलाकात हुई। जिसके बाद बचाव अभियान में तेजी आई। दो बार वहां के डीजीपी से भी मुलाकात हुई। जिसका परिणाम यह रहा कि लोकल अधिकारी हर दिन के बचाव कार्य का अपडेट दे रहे हैं।
5 of 10
प्रतापगढ़ के दंपती लापता
- फोटो : सोशल मीडिया
फोटो देख बोले वाहन में थे सवार
हादसे में गायब बेटे और बहू की तलाश में गंगटोक पहुंचे शेर बहादुर, रिश्तेदार व परिजनों के साथ आंखों में आंसुओं के सैलाब के बीच अपने कलेजे के टुकड़ों की तलाश करते रहे। हादसे में दो बचे दो सैलानियों के होश में आने की खबर पर सभी उनसे मिलने भी पहुंचे। फोटो देखकर दोनों की पहचान की। बताया कि वे उनके साथ ही वाहन में सवार थे।