मौनी अमावस्या के मौके पर इलाहाबाद जंक्शन समेत शहर के सभी प्रमुख स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की खूब भीड़ रही। संगम स्नान के बाद वापसी करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से इलाहाबाद जंक्शन एवं शहर के अन्य स्टेशनों से रेलवे द्वारा कुल 22 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। उधर, यूपी रोडवेज द्वारा भी शाम छह बजे तक विभिन्न शहरों के लिए दो हजार बसें चलाई गईं। देर रात तक यह आंकड़ा ढाई हजार के पार जाने की बात रोडवेज अफसरों ने जताई।
मौनी अमावस्या का सैलाब, ट्रेनें और बसें रहीं फुल
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अमावस्या पर भीड़ उमड़ेंगी इसी वजह से इस पर्व की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। सुबह से ही प्रयागघाट और प्रयाग स्टेशन पर स्नान के बाद यात्रियों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। सर्वाधिक भीड़ अयोध्या रूट के यात्रियों की रही। शायद इसी वजह से शाम छह बजे तक प्रयाग जंक्शन से सिर्फ छह स्पेशल ट्रेनें अयोध्या के लिए ही चलाई गईं। लखनऊ और फैजाबाद के लिए भी एक-एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई। उधर पूर्वोत्तर रेलवे के इलाहाबाद सिटी स्टेशन से भी गोरखपुर के लिए रेलवे ने एक स्पेशल ट्रेन चलाई। जबकि रात दस बजे छपरा के लिए भी एक स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी की गई।
शहर के सबसे बड़े स्टेशन इलाहाबाद जंक्शन से भी रेलवेे द्वारा कानपुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और झांसी के लिए दस स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। नैनी और छिवकी से भी दो स्पेशल चलाई र्गइं। हालांकि मेला क्षेत्र में उमड़ी भीड़ के हिसाब से जंक्शन पर भीड़ थोड़ी कम रही। यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जंक्शन के सिटी साइड पर बने यात्री आश्रय स्थल से ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। हर एक यात्री आश्रय स्थल पर रूट वार स्टेशनों के नाम लिखे गए थे। उसी के हिसाब से यात्रियों को प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया गया। इस बीच जंक्शन स्थित कंट्रोल टावर पर जीएम एनसीआर राजीव चौधरी, पीसीसीएम एमएन ओझा, एडीआरएम अनुराग गुप्ता, सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित समेत अन्य अफसर सुबह ही सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से भीड़ का आंकलन करते रहे। डीआरएम अमिताभ भी सुबह अफसरों के साथ जंक्शन पहुंचे।
ट्रैफिक पुलिस द्वारा शास्त्री पुल बसों की आवाजाही रोक दिए जाने की वजह से वाराणसी, जौनपुर, गोरखपुर, आजमगढ़ रूट की तरफ जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। सिविल लाइंस बस स्टेशन पर बसें न मिलने की वजह से संगम क्षेत्र से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं को वापस झूंसी के रास्ते अंदावा जाना पड़ा। जौनपुर के हरिकेश त्रिपाठी ने बताया कि मेला क्षेत्र में ही अगर एनाउंसमेंट करवा के बता दिया जाता कि बस झूंसी से मिलेगी तो वह सिविल लाइन न आते। इसी तरह राजा का तालाब वाराणसी से आए गंगा प्रसाद शुक्ला ने कहा कि वह रोडवेज बस से शुक्रवार की रात ही सिविल लाइंस स्टेशन उतरे। इस दौरान उन्हें नहीं बताया गया था कि शनिवार को यहां से बस नहीं मिलेगी। स्नान कर कई किलोमीटर चलने के बाद सिविल लाइंस पहुंचने पर बताया गया कि बस के लिए उन्हें अंदावा जाना पड़ेगा। इस बीच राहत भरी बात यह रही कि सिविल लाइंस से लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर, गोंडा, बहराइच आदि रूट की बसें यात्रियों को मिल गई। हालांकि रोडवेज ने कानपुर के लिए कुछ बसें जीजीआईसी मैदान से भी संचालित की। दिन में सिविल लाइंस बस स्टेशन पर फैजाबाद रूट के यात्रियों की एक बारगी भीड़ गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरएम टीकेएस बिसेन और रोडवेज यूनियन नेता राशिद आदि इधर उधर खड़ी बसों के चालकों को कतार में बस लगाने का निर्देश दिया। घंटे भर में ही फैजाबाद रूट की भीड़ छंट सकी। रोडवेज आरएम ने बताया कि 400 से ज्यादा बसों का आवागमन अंदावा से हुआ। इसी तरह 1600 से ज्यादा बसें सिविल लाइंस बस स्टेशन से संचालित की गई। रात 12 बजे तक विभिन्न स्थानों के लिए ढाई हजार बस का संचालन होने की उम्मीद उन्होंने जताई। हालांकि रात दस बजे तक 2300 बसों का संचालन रोडवेज कर चुका था।