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प्रयागराज : जम्मू कश्मीर में शहीद प्रयागराज के लाल मनीष पांडेय को नम आंखों से दी विदाई, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Sat, 12 Feb 2022 11:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 12 Feb 2022 11:37 PM IST
सार

हनुमानगंज के बेलवार-जमुनीपुर गांव निवासी सेना के जवान मनीष पांडेय दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में एक सड़क हादसे में शहीद हो गए थे। उनके शहीद होने की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पिछले दो दिनों से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

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Manish Pandey of martyr in Jammu and Kashmir with moist eyes, crowd gathered in the last journey
Prayagraj News : शहीद मनीष पांडेय को अंतिम विदाई दी गई। - फोटो : प्रयागराज

जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसे में शहीद हुए सेना के जवान नायक मनीष पांडेय को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। मनीष का पार्थिव शरीर शनिवार को जब उनके हनुमानगंज स्थित पैतृक घर बेलवार-जमुनीपुर गांव लाया गया तो उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाद में राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान मनीष का अंतिम संस्कार किया गया।   





हनुमानगंज के बेलवार-जमुनीपुर गांव निवासी सेना के जवान मनीष पांडेय दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में एक सड़क हादसे में शहीद हो गए थे। उनके शहीद होने की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पिछले दो दिनों से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

Manish Pandey of martyr in Jammu and Kashmir with moist eyes, crowd gathered in the last journey
Prayagraj News : शहीद मनीष पांडेय के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोते परिजन। - फोटो : प्रयागराज

पार्थिव शरीर पहुंचते ही लगने लगे भारत माता के जयकारे
इसी बीच शनिवार की सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे सेना का ट्रक जवान का पार्थिव शरीर लेकर जमुनीपुर स्थित मां ऐंद्री धाम के गेट पर पहुंचा तो वहां मौजूद हजारों की संख्या में युवक तिरंगा लिए भारत माता के जयकारे लगाने लगे। सेना का ट्रक जवान का पार्थिव शरीर लेकर उनके पैतृक घर बेलवार गांव पहुंचा तो पिता नरेंद्र कुमार पांडेय बिलखकर रोने लगे।

Manish Pandey of martyr in Jammu and Kashmir with moist eyes, crowd gathered in the last journey
Prayagraj News : हनुमानगंज में शहीद मनीष पांडेय को श्रद्धांजलि देते परिजन। - फोटो : प्रयागराज

बच्चों का करुण क्रंदन देख सबकी आंखें हुईं नम

मां आशा पांडेय बदहवास हो गईं तो पत्नी शिल्पी को तो जैसे होश ही नहीं था। पत्नी शिल्पी पति के ताबूत से लिपटकर काफी देर तक बैठी रही। मां को बदहवास देख जवान के दोनों मासूम बच्चे श्रेयांश और वेदांश भी बिलखने लगे। करुण क्रंदन देख ग्रामीणों की भी आंखें नम हो र्गइं। तकरीबन साढ़े दस बजे डीएम संजय कुमार खत्री तथा एसएसपी अजय कुमार पांडेय श्रद्घांजलि देने जवान के घर पहुंचे।



इसके बाद जवान का पार्थिव शरीर सेना के ट्रक पर रखकर अंतिम संस्कार के लिए लीलापुर घाट की ओर रवाना हुआ। इस दौरान पूरे रास्ते युवकों ने मनीष भैया अमर रहें, जब तक सूरज चांद रहेगा, मनीष तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए। घाट पर सेना के अधिकारी व जवानों ने शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। पार्थिव शरीर को मुखाग्नि छोटे भाई आशीष पांडेय ने दी। 

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Manish Pandey of martyr in Jammu and Kashmir with moist eyes, crowd gathered in the last journey
Prayagraj News : शहीद मनीष पांडेय को श्रद्धांजलि देते जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री। - फोटो : प्रयागराज

जन प्रतिनिधियों ने भी शहीद जवान को दी श्रद्घांजलि 
शहीद जवान मनीष पांडेय को श्रद्घांजलि देने के लिए क्षेत्र के विभिन्न पार्टियों के जन प्रतिनिधि भी बेलवार गांव पहुंचे। नेहरू ग्राम भारती के कुलाधिपति जेएन मिश्र, फूलपुर सांसद केशरी देवी पटेल, शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी, फूलपुर विधायक प्रवीण सिंह पटेल, भाजपा गंगापार अध्यक्ष अश्विनी द्विवेदी, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी,  मुर्तजा सिद्दीकी, राम तौलन यादव, पवन दुबे ने नायक मनीष पांडेय को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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Manish Pandey of martyr in Jammu and Kashmir with moist eyes, crowd gathered in the last journey
Prayagraj News : शहीद मनीष पांडेय को गार्ड आफ ऑनर देते सेना के जवान। - फोटो : प्रयागराज

पिता बोले, बेटे पर गर्व है, पत्नी बोली बेटों को सेना में भेजूंगी
शहीद नायक मनीष पांडेय के पिता रुंधे हुए गले से बोले कि आज मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। यह मेरे के लिए गर्व की बात है। पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि जब 1999 में कारगिल में भारत-पाकिस्तान का जब युद्ध हुआ। तभी उनके किशोर बेटे मनीष ने सेना में जाने की ठान ली थी। मनीष की मां बोलीं कि बेटा खोने का उन्हें गम तो है पर उसके साथ-साथ अपने लाल पर गर्व है।



बिलखते हुए पत्नी शिल्पी बोली कि उनके जाने का गम तो जीवन भर रहेगा। उनकी इच्छा के अनुसार बेटे श्रेयांश और वेदांश को भी सेना में जरूर भेजूंगी। उधर, नायक मनीष के घर पहुंचे डीएम संजय कुमार खत्री ने शासन से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि एवं अन्य सहायता के अलावा राजस्व विभाग की तरफ से भी सहायता दिलाने का भरोसा परिजनों को दिया है। 


देर से पहुंचे अफसर तो ग्रामीण हुए नाराज
शहीद मनीष पांडेय के घर श्रद्घांजलि देने के लिए डीएम और एसएसपी के विलंब से आने पर ग्रामीणों में नाराजगी रही। मनीष का पार्थिव शरीर सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे उनके गांव पहुंच गया था। तकरीबन दो घंटे बाद साढ़े दस बजे दोनों अफसर मनीष को श्रद्घांजलि देने गांव पहुंचे। अफसरों की लेट लतीफी से ग्रामीण क्षुब्ध नजर आए।

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