फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

संतों ने गरमाया मंदिर निर्माण का मुद्दा, बोले- एजेंडे से भटक रही मोदी सरकार, संघ बना रहा बहाने

Sun, 20 Jan 2019 12:14 AM IST
kapil kumar पंकज प्रसून, अमर उजाला, प्रयागराज
पंकज प्रसून, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: kapil kumar Updated Sun, 20 Jan 2019 12:14 AM IST
विज्ञापन
kumbh 2019 saints raised Ram mandir construction issue, says Modi government wandering from agenda
Ram Mandir Case

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर संघ के सर कार्यवाह सुरेश भैया जोशी के बयान और विहिप का मंदिर निर्माण के लिए संतों पर पूरी तरह आश्रित होने से कुंभ नगरी के महौल में गर्मी आ गई है। संतों  ने मंदिर को लेकर अपना निशाना केंद्र और प्रदेश सरकार पर साधा है। संतों का कहना है कि एक राजनीतिक पार्टी के रूप में भाजपा ने राम मंदिर निर्माण को अपने एजेंडे में शामिल किया है। भाजपा का नारा रहा है कि 'रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे।' इसके बावजूद केंद्र सरकार बचने की कोशिश कर रही है।

kumbh 2019 saints raised Ram mandir construction issue, says Modi government wandering from agenda
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि भाजपा हमेशा कहती आई है कि रामलला हम आएंगे। इसका सीधा सा मतलब है, भाजपा सत्ता में आने की बात कर रही थी, जो अब आ चुकी है। इसलिए उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने संघ के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी के 2025 तक  मंदिर बन जाने के बयान पर भी नाराजगी जाहिर किया। कहा कि संघ देश की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वह मंदिर निर्माण की तिथि बताने के बजाए उसके बनकर तैयार होने जाने का साल घोषित कर रहा है। इससे साफ है कि संघ दबाव में है और वह बचने के लिए बहाने तलाश रहा है।

kumbh 2019 saints raised Ram mandir construction issue, says Modi government wandering from agenda
शंकराचार्य अधोक्षजानंद सरस्वती

शंकराचार्य अधोक्षजानंद सरस्वती ने कहा कि राम और राम का मंदिर निर्माण यह किसी सरकार और न्यायालय का काम नहीं है। यह देश के करोड़ों श्रद्धालुओं और संतों की जिम्मेदारी है। संत और श्रद्धालु मिलकर यह फैसला लेंगे और इसी कुंभ में लेंगे। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद को  इस मामले में हताश और निराश होने के बजाए उसे केंद्र सरकार पर दबाव डालना चाहिए। जिससे मंदिर निर्माण की दिशा तय हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
kumbh 2019 saints raised Ram mandir construction issue, says Modi government wandering from agenda
Narendranand sarswati

शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर निर्माण में सरकार और देश की दूसरी बड़ी जिम्मेदार संस्थाएं हीलाहवाली कर रही है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं के साथ बेईमानी है। उन्होंने कहा कि मंदिर देश की आस्था से जुड़ा मामला है, इसे राष्ट्रपति को अपने स्व विवेक के आधार पर तय करना चाहिए। वह देश की सर्वोच्च संस्था के प्रमुख हैं। उन्होंने मांग किया कि मंदिर क्षेत्र की जिस जमीन को पूर्व की केंंद्र सरकार ने अधिग्रहीत किया था, उसमें से विवादित हिस्सा छोड़कर बाकी जमीन को मंदिर ट्रस्ट के हवाले कर देना चाहिए। श्रद्धालु स्वयं मंदिर का निर्माण कर लेंगे।

शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी निर्विकल्पानंद ने कहा कि इस मसले में शंकराचार्य कुंभ क्षेत्र में पहुंचने पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। निश्चलानंद 23 जनवरी को यहां सेक्टर 15 स्थित अपने शिविर में पहुंचेंगे।

विज्ञापन
kumbh 2019 saints raised Ram mandir construction issue, says Modi government wandering from agenda
ramvadracharya

जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य का कहना है कि राम मंदिर का निर्माण कब होगा, इसका फैसला इसी कुंभ में होगा। 31 जनवरी और एक फरवरी को यहां होने वाली धर्म संसद में मेरे साथ बहुत से संत उपस्थित होकर इसका फैसला लेंगे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कब शुरू होगा इसकी तारीख भी धर्म संसद में तय की जाएगी। मैंने तो इस मामले में अपना पक्ष भी न्यायालय को दिया है कि वहां पर पर मंदिर था जिसे अकबर ने ध्वस्त कराकर मस्जिद बनवा दिया। इसका जिक्र तुलसी शतक में भी तुलसीदास ने विस्तार से किया है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed