श्रद्धा एवं सद्भाव से इतर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ को 'स्वच्छ कुंभ' का पहचान दिलाने वाले सफाईकर्मियों के पांव पखार कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की ज्योति, बांदा की चौबी, नरेश कुमार, प्यारे लाल और संभल के होरीलाल के पांव पखारे। स्वच्छाग्रहियों में राजकुमार और नम्रता सिंह सम्मानित हुईं। कल्पना में भी ऐसे सम्मान की उम्मीद न करने वाले पांचों कर्मचारी नि:शब्द थे, बस नम आंखें ही बोल रहीं थीं।
कुंभ नगरी के गंगा पंडाल के इस नजारे को देखकर अन्य सफाईकर्मियों तथा स्वच्छाग्रहियों की भावनाएं ऊफान पर थीं तो मोदी ने भी इसे अपने जीवन का सबसे अविस्मरणीय पल बताया। वे इस अविस्मरणीय पल के बारे में अपने गांव वालों को भी बताएंगे।
पांचों सफाई कर्मचारियों का कहना था, ‘ऐसा सम्मान, अब का चाही। यह पूरे जीवन का पूंजी है।’
प्रधानमंत्री ने भी उन्हें इस सम्मान का असली हकदार बताते हुए खुद के लिए अविस्मरणीय पल बताया। उन्होंने कहा, ‘जिन भाई-बहनों की धूल की वंदना की वह मेरे साथ जीवन भर रहने वाला है।’