संगम की रेती पर रविवार को ‘स’ अक्षर का अजब संयोग बना। सीमा पर तनाव के बीच संक्रांति से शुरू कुंभ क्षेत्र में रविवार को सियासी मायने भी साधे गए। संगम स्नान, सफाई, सम्मान के साथ पीएम मोदी ने आने वाले संसदीय चुनाव को भी ध्यान में रखा। मोदी इन सबसे जुड़कर राजनीति को नई धार दे गए।
संगम पर ‘स’ का दिखा अजब संयोग: स्नान, सफाई, सम्मान, संसदीय चुनाव, सब साध गए मोदी
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सरकार की गंभीरता की वजह से इस बार का कुंभ शुरू से ही सियासी गलियारे की सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री ने कुंभ नगरी में कैबिनेट की बैठक कर और अपने मंत्रिमंडल संग संगम में डुबकी लगाकर इन सुर्खियों को और बल दिया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद की धर्मसंसद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर पारित प्रस्ताव, फिर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री के अलग-अलग राह पकड़ने से संतों की सियासत भी आगामी लोकसभा में फैक्टर बन गई है।
इसी क्रम में मोदी आए तो प्रतीकों और संताें की इस सियासत को और गरमा गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संगम स्नान और गेरुआ वस्त्र धारण करना 2019 के संग्राम की तैयारी माना जा रहा है। संगम स्नान, मां गंगा के जयकारे और गेरुआ पोशाक से जहां उन्होंने हिंदुत्व के एजेंडे को उभारा, वहीं सफाई कर्मियों के पैर धोकर उन्होंने पिछड़ों और वंचितों के साथ भावनात्मक रिश्ता कायम करने की कोशिश की। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच ‘मुझ पर ऐसा ही स्नेह बना रहे, आपकी सेवा करता रहूं यही कामना है’ की अपील करके वह 2019 का रोडमैप तैयार कर गए। देश में शुरू गठबंधन की राजनीति के बीच मोदी के इस कदम को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।
अखिलेश के बयान पर किया कटाक्ष
कुंभ नगर के गंगा पंडाल से प्रधानमंत्री ने नाम लिए बगैर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान पर भी कटाक्ष किया। शनिवार को प्रयागराज आए अखिलेश यादव ने कहा था, ‘साधु संत तो कुंभ क्षेत्र से जा चुके हैं। अब प्रधानमंत्री किससे मिलने आ रहे हैं।’ प्रधानमंत्री ने इशारों में ही सपा नेता के इस टिप्पणी का जवाब दिया। सफाई एवं पुलिसकर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा नाविकों को सम्मानित करने के बाद उन्होंने कहा, ‘साधु संतों से मुलाकात होती रहती है लेकिन लिए मेरे लिए तो आप तपस्वी हैं। आज आपसे मिलने और अभार प्रकट करने आया हूं। आपके पांव की रज पाकर मेरा जीवन सफल हुआ।’
मंच पर सम्मानित होने वाले कर्मचारी
प्रधानमंत्री के हाथों मंच पर सफाईकर्मचारी शीतल, सुमन देवी, चुनकी, कल्लू, सूरज एवं किशोरी लाल सम्मानित हुए। स्वच्छाग्रहियों में राजकुमार और नम्रता सिंह सम्मानित हुईं। जल पुलिस के मुनीश कुमार सिंह, सिविल पुलिस के संतोष, अग्निशमन के सुरेंद्र कुमार, होमगार्ड नागेंद्र कृष्ण पांडेय, सीआरपीएफ. के जवान विकास चंद्र, एनडीआरएफ. के देवप्रकाश तथा नाविकों में राजू निषाद एवं लल्लन निषाद को प्रधानमंत्री ने प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न तथा प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित किया। सीआरपीएफ के जवान को जब प्रधानमंत्री सम्मानित कर रहे थे पंडाल में मौजूद हजारों ने तालियों से पुलवामा के शहीदों के प्रति भी सम्मान प्रकट किया।