महाशिवरात्रि पर शहर की ज्यादातर सड़कों पर श्रद्धालुओं का रेला नजर आया। दोपहर होते-होते हालात ऐसे हुए कि मानों सड़कों पर ही मेला लगा हो। सुबह से शाम तक हर तरफ श्रद्धालुओं का ही कारवां ही नजर आया। भीड़ का आलम ऐसा रहा कि इसे संभालने में पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए।
अंतिम स्नानपर्व पर एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं के संगम पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रात में यह सिलसिला थोड़ा धीमा हुआ लेकिन भोर से ही एक बार फिर श्रद्धालुओं की भीड़ सड़क पर नजर आने लगी। इसके बाद हर बीतते पल के साथ श्रद्धालुओं का कारवां और लंबा होता गया। सुबह आठ बजते-बजते मेला क्षेत्र की ओर जाने वाले ज्यादातर रास्ते श्रद्धालुओं से पट चुके थे।
जीटी जवाहर, अलोपी चुंगी, बैरहना, कीडगंज, यमुना बैंक रोड, सोहबतियाबाग, गऊघाट, बालसन, एमजी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। उधर झूंसी में भी स्नानार्थियों की भारी भीड़ नजर आई। नैनी में लेप्रोसी चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई थी। पुलिस ने पुल पर चारपहिया वाहनों का प्रवेश रात में ही रोक दिया था। सुबह जब भीड़ बढ़ी तो दोपहिया वाहनसवारों को भी पुराने पुल की ओर डायवर्ट किया गया। हालांकि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती ही जा रही थी।
दोपहर होते-होते नए यमुना पुल पर शहर की ओर आने वाली लेन, एडीसी, बैरहना, जीटी जवाहर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा हो चुका था। 12 बजे के करीब श्रद्धालुओं के लौटने के सिलसिले में भी तेजी आई जिससे चौतरफा जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बैरहना, जीटी जवाहर, लेप्रोसी चौराहा, सीएमपी डॉट पुल, मेडिकल चौराह व एमजी मार्ग पर रही। इन मार्गों पर पैदल चलना भी मुश्किल था। भीड़ को संभालने में पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए।
अंतिम स्नान पर संगम पर उमड़ी शहरियों की भीड़
कुंभ मेले का आखिरी स्नानपर्व होने के चलते सोमवार को बड़ी संख्या में शहरियों ने भी मेले का रुख किया। मुख्य सड़कों पर जाम जैसे हालात देखकर उन्होंने गलियों का रुख किया तो कुछ ही देर बाद वहां भी कमोबेश वैसा ही नजारा हो गया। कीडगंज में बीच वाली सड़क व एडीसी के आसपास, यमुना बैंक रोड, बैरहना में गलियों में भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। इसी तरह मुट्ठीगंज में गऊघाट, कटघर, बलुआघाट वाली सड़कों पर वाहन सुबह से ही रेंगते रहे। यही हाल सोहबतियाबाग, टैगोरटाउन, कर्नलगंज के भी कुछ मोहल्लों की गलियों में देखा गया।