कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ रुपये के गबन के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे के नए कारनामे सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि वह दो बैंकों के चेस्ट में रकम जमा होने की आड़ में हेराफेरी करता था। जिस चेस्ट में कम रकम जमा होती थी, उसकी भरपाई वह कुछ दिनों बाद ब्याज से मिले पैसों से कर देता था। यही वजह थी कि वह लंबे समय तक खेल करता रहा।
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कोटक महिंद्रा गबन केसः ब्याज की रकम से भरपाई के चलते छिपा रहा मामला
Mon, 13 Apr 2020 12:33 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 13 Apr 2020 12:33 AM IST
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कोटक महिंद्रा बैंक
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अंशुमान इसी का फायदा उठाता था। रकम जमा किए जाने के दौरान वह कुछ हिस्सा निकाल लेता था। इन रुपयों को वह ब्याज पर दे देता था और फिर ब्याज पर मिले पैसों से निकाली गई रकम की भरपाई कर देता था। कभी रुपये मिलने में देर हुई तो वह एक बैंक के चेस्ट में जमा करने के लिए भेजी गई रकम का कुछ हिस्सा निकालकर दूसरे बैंक के चेस्ट में जमा कर देता था। इस तरह से डेढ़ साल तक वह हेरफेर में लगा रहा। फिलहाल पुलिस सूत्रों का कहना है कि यूनियन बैंक के चेस्ट से मिलान करने पर कोटक महिंद्रा बैंक की ओर भेजी गई रकम में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
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