नवाबगंज में हुई वारदात में सुसाइड नोट ने एकबारगी कहानी सुलझाने की बजाय उलझा दी। दरअसल इसमें मृतक ने खुदकुशी करने की बात तो लिखी, लेकिन साथ ही एक ऐसी बात का भी जिक्र कर दिया, जिससे घटना के सामूहिक हत्याकांड होने की भी आशंका जताई जाने लगी।
खागलपुर मर्डर मिस्ट्री : सुसाइड नोट से उलझी नृशंस हत्याकांड की गुत्थी
घटना की जानकारी मिलने पर आला अफसरों केसाथ ही एसओजी की दो टीमें भी मौके पर आकर जांच पड़ताल में जुट गईं। एसटीएफ व रेंज सर्विलांस टीम भी मौकेपर पहुंच गईं। टीमें जांच पड़ताल में जुटी रहीं और इसी दौरान सुसाइड नोट हाथ लगा।
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पत्नी के भाई पर लगाया हत्या का आरोप
अगले पन्ने पर जमीन व मकान संबंधी विवाद का जिक्र है। साथ ही यह भी लिखा था कि उपरोक्त लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर ही मैं खुदकुशी का कदम उठा रहा हूं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुसाइड नोट में राहुल ने यह भी लिखा कि पत्नी के भाई व उनके अन्य परिजन दो गाड़ियों से उसके घर आए और प्रीति व बच्चों की हत्या करने के बाद भाग निकले।
सुसाइड नोट में लिखी इन्हीं दो लाइनों ने कहानी को और उलझाकर रख दिया। लेकिन पीएम रिपोर्ट से साफ हो गया कि उसने सुसाइड किया। उधर आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने रात में किसी भी वाहन के गांव में आने की बात से इंकार किया। जिससे यह माना जा रहा है कि आवेश में आकर राहुल ने यह बातें लिखीं।
सुसाइड नोट में इनको बताया मौत का जिम्मेदार
1- जयप्रकाश तिवारी उर्फ पिंटू 2- मंजू पत्नी जयप्रकाश 3- रामप्रकाश 4- ज्योति पत्नी रामप्रकाश 5- सुनील पुत्र झल्ला 6- आशू 7- मनोज उर्फ मैनेजर 8- संतोष पुत्र प्रसिद्ध नारायण 9- अवध किशोर 10- शिवम 11- नमोनारायण।
सभी हिरासत में लिए गए
घटना की जानकारी के बाद अफसरों ने कौशाम्बी पुलिस को भी अलर्ट कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि सुसाइड नोट में लिखे नामों की जानकारी दी गई जिस पर कुछ देर बाद ही कौशाम्बी पुलिस ने दबिश देकर सभी को हिरासत में ले लिया। इनमें हत्या के आरोप में नामजद कराए गए चारों आरोपी भी शामिल हैं। इनमें राहुल की पत्नी के दो भाई भी हैं। देर रात तक उनसे पूछताछ की जाती रही।
सुसाइड नोट की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जांच में लगाई गई टीमें उसमें लिखे एक-एक बिंदु के आधार पर तफ्तीश में जुटी हैं। हैंडराइटिंग मिलान के लिए इसे फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। - अजय कुमार, एसएसपी
विश्वनाथगंज में मिली संदीप की लोकेशन
घटना के बाद पुलिस ने उसी मकान में किराए पर रहने वाले संदीप पाल को भी संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। मूल रूप से मऊआइमा के तेजपुर गांव का रहने वाला संदीप पिछले आठ महीनों से उसी मकान में किराये पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। जांच पड़ताल में पुलिस को पता चला कि वह पड़ोसी होने के साथ-साथ परिवार का बेहद करीबी भी था। लेकिन घटना की रात वह कमरे पर नहीं था।
जांच पड़ताल में पुलिस को पता चला कि वह शुक्रवार शाम ही दावत में जाने की बात कहकर निकल गया था और रात को नहीं लौटा। पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज में आयोजित शादी समारोह में गया था। सुबह पड़ोस में रहने वाले दद्दू प्रसाद ने घटना की जानकारी दी तो वह वापस आया। सूत्रों का कहना है कि घटना वाली रात उसके मोबाइल की लोकेशन भी विश्वनाथगंज में ही मिली है। लेकिन फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।