उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के मनोरी गांव में हुआ।
पटाखा फैक्टरी बनी श्मशान: चीखों के बीच थमीं 11 सांसें, कुछ अपनों को पुकारते रहे तो कोई डॉक्टर से बोला- बचा लो
जिलाधिकारी अमित पाल ने बताया कि मनोरी गांव की एक पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पांच अन्य घायलों का इलाज उसी अस्पताल में चल रहा है।
इलाज के दौरान 11 लोगों ने तोड़ा दम
जिलाधिकारी अमित पाल ने बताया कि मनोरी गांव की एक पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पांच अन्य घायलों का इलाज उसी अस्पताल में चल रहा है।
प्रियांजलि (5 वर्ष)
प्रवीण सिंह (13 वर्ष)
जाह्नवी (12 वर्ष)
आदित्य (12 वर्ष)
आदित्य (8 वर्ष)
रवि (8 वर्ष)
अंजू (32 वर्ष)
ज्ञान सिंह (40 वर्ष)
विक्रम सरोज (35 वर्ष)
अंश (6 वर्ष)
नाना (4 वर्ष)
इमरजेंसी लगी रही भागम भाग
एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी... सोमवार को चारों तरफ मरीजों की आवाजाही और भाग-दौड़ के बीच अचानक माहौल बदल गया। एक के बाद एक घायल अस्पताल पहुंचने लगे। किसी के शरीर पर चोट के निशान थे तो कोई पूरी तरह से झुलसा था। किसी को अपने परिवार की चिंता थी तो किसी को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं कोई मौत की खबर न सुना दे।
साहब किसी तरह बचा लीजिए
इमरजेंसी में पहुंचे घायलों के साथ परिजन भी बदहवास थे। कोई अपनों का नाम लेकर पुकार रहा था तो कोई डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर बस एक ही बात कह रहा था, ‘साहब किसी तरह बचा लीजिए।’