जवाहर पंडित हत्याकांड में दोषी करार दिए गए करवरिया बंधुओं को सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में अदालत ने 31 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए पूर्व बसपा सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व भजपा विधायक उदय भान करवरिया और एमएलसी सूरज भान करवरिया तथा उनके रिश्तेदार रामचंद्र त्रिपाठी को हत्या, विधि विरुद्ध जमाव, सशस्त्र बल प्रयोग सहित तमाम धाराओं में दोषी करार दिया था। मगर अदालत ने उस दिन सजा के बिंदु पर सुनवाई नहीं की थी। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए चार नवंबर की तिथि नियत की है। जिसे सुनने के बाद अदालत सजा का एलान करेगी ।
जवाहर पंडित हत्याकांड में करवरिया बंधुओं को आज सुनाई जाएगी सजा
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उल्लेखनीय है कि 13 अगस्त 1996 को पूर्व सपा विधायक जवाहर यादव उर्फ पंडित की सिविल लाइंस इलाके में गोली मारकर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में करवरिया बंधुओं को नामजद किया गया था। पुलिस और सीबीसीआईडी द्वारा की गई लंबी जांच के बाद मुकदमे का विधिवत ट्रायल 2015 में शुरू हो सका। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने पक्ष को साबित करने के लिए साक्ष्यों और गवाहों को पेश किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने करवरिया बंधुओं को हत्या का दोषी करार दिया है। वहीं, इस मामले में वादी विजमा यादव के वकील लल्लन यादव का कहना है कि अभियुक्तों के लिए अदालत से सख्त से सख्त सजा की मांग की जाएगी, क्योंकि इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी तथा दो लोग गंभीर घायल हुए थे। सार्वजानिक स्थान पर गोलियां चलाई गईं, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई थी।
जेल में कैदियों को पढ़ाएंगे करवरिया बंधु
नैनी। सपा के पूर्व विधायक जवाहर यादव पंडित की हत्या में सिद्धदोष करार दिए गए करवरिया बंधुओं को सोमवार को निचली अदालत की ओर से सजा सुनाई जाएगी। इसके साथ ही जेल के अंदर तीनों भाइयों से सिद्धदोष बंदियों की तरह क्या कार्य कराया जाएगा, इसका निर्णय रविवार को ही हो गया है। जेल प्रशासन तीनों भाइयों कपिल मुनि करवरिया, उदयभान करवरिया एवं सूरजभान करवरिया को अशिक्षित कैदियों को शिक्षित करने में लगाएगा।
केंद्रीय कारागार नैनी के मालवीय सदन में रखे गए करवरिया बंधुओं की सजा का सोमवार को ऐलान होना है। इसके साथ ही जेल प्रशासन भी अब उनके साथ अंडर ट्रायल कैदी के बजाय सिद्धदोष कैदियों की तरह कार्य कराने की तैयारी काफी दिनों से बना रहा था। अभी तक यही मंथन चल रहा था कि तीनों भाइयों से कार्य क्या कराया जाए। इसके लिए गहन मंथन और तीनों भाइयों की शैक्षिक योग्यता को देखते हुए जेल प्रशासन ने उन्हें शिक्षण कार्य में लगाने का निर्णय लिया है। जेल प्रशासन की ओर से जेल के अंदर अल्पशिक्षित और अशिक्षित कैदियों एवं बंदियों शिक्षित करने के लिए करवरिया बंधुओं को लगाया जाएगा।
नैनी (संवाद)। इलाहाबाद के इतिहास के चर्चित प्रकरणों के फैसलों में से एक जवाहर यादव हत्याकांड में सिद्धदोष करार दिए गए करवरिया बंधुओं को सोमवार से कैदी नंबर बदल जाएगा। अभी तक तीनों भाई विचाराधीन (अंडर ट्रायल) बंदी थे। सोमवार को सजा का ऐलान होने के बाद सिद्धदोष कैदी(कन्विक्ट प्रिजन) के रूप में तीनों भाइयों के न केवल नंबर बदल दिए जाएंगे, बल्कि उनके लिए ड्रेस कोड भी बदला जाएगा। सजा का ऐलान होने के बाद तीनों भाइयों के लिए कुर्ता पायजामा का ड्रेस होगा। सिद्धदोष कैदी रजिस्टर के सीरियल के आधार पर उनका नंबर भी बदल जाएगा। हालांकि अभी तक तीनों भाइयों का नाम बंदी नंबर रजिस्टर में था लेकिन सोमवार से उन्हें कैदी नंबर आवंटित कर दिया जाएगा। डीआईजी जेल वीआर वर्मा के मुताबिक किसी भी विचाराधीन कैदी को जब सजा होती है तो उसका एक अलग रजिस्टर होता है, जिसे कनविक्ट रजिस्टर कहते हैं।
तीनों भाई उच्चशिक्षित हैं। इसलिए जेल प्रशासन ने आपस में बैठक करके यह निर्णय लिया है कि उन्हें अशिक्षित एवं अल्पशिक्षित कैदियों एवं बंदियों को शिक्षित करने में लगाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।
हरिबक्श सिंह
वरिष्ठ जेल अधीक्षक, नैनी
प्रयागराज।
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