प्रयागराज की होली में एक अजीब तरह की रस्म होती है। यहां की होली की भी एक अनोखी परंपरा है। दूल्हे राजा का अजब-गजब श्रृंगार। मूसल नचाए गए। लोढ़ा घुमावन हुआ। लालटेन से आरती उतारी गई तो सूप लोकावन के साथ राई-मिर्च से नजर उतारी गई। होली से पहले यह अनूठा नजारा हथौड़ा बरात में जिसने भी देखा हंसते-हंसते लोटपोट हो गया। इस हथौड़ा बरात को राष्ट्रीय समस्या बेरोजगारी पर केंद्रित किया गया था। यह संदेश देने के लिए कद्दू के रूप में बेरोजगारी का पुतला भंजन किया गया।
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हथौड़ा बरात
- फोटो : एएनआई
प्रयाग नागरिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में सांस्कृतिक धरोहर के रूप में हथौड़ा बारात नए रंग-रोगन, साज-सज्जा और पूरे भौकाल के साथ निकाली गई। इस हथौड़ा बरात में सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। हाथी, घोड़ा, ऊंट के साथ ढोल-नगाड़े, डीजे बैंड, रोड लाइट की चकाचौंध में हथौड़ा बरात केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज मीरगंज से निकाली गई।
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हथौड़ा बरात
- फोटो : एएनआई
सेवानिवृत्त मंडलायुक्त आरएस वर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि बरात को रवाना किया। हथौड़ा बने दूल्हे राजा को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सबसे पहले काजल लगाया गया। फिर गुलाब-गजरा से शृंगार हुआ। चारों दिशाओं में दीपकों से बछइयां की गई। मूस नचाते हुए लोढ़ा घुमावन की रस्म पूरी की गई।
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हथौड़ा बरात
- फोटो : अमर उजाला
नजर उतारने के बाद हथौड़े को लेकर बेरोजगारी का पुतला कद्दू के रूप में भंजन किया गया। इसके बाद हथौड़े को कंधाचढ़ी के लिए संयोजक संजय सिंह को सौंपा गया। हथौड़ा बरात मीरगंज से विभिन्न मार्गों से होते हुए खोवा मंडी, जीरो रोड, घंटाघर, बजाजा पट्टी, लाल डिग्गी, लोकनाथ चौराहा से मीरगंज वापस हुड़दंग स्थल पर पहुंची।
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हथौड़ा बरात में नाचते गाते लोग
- फोटो : एएनआई
इस दौरान जीआरपी के सीओ रूपेश सिंह, ओपी गुप्ता, श्याम सुंदर सिंह पटेल, डॉ. बीके कश्यप, नगर निगम के कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रतन दीक्षित, ओम प्रकाश अग्रवाल, प्रताप नारायण मिश्र, संतोष श्रीवास्तव बेबी टंडन, अनूप केसरवानी, गुलाम रसूल, अवनीश शुक्ला, आलोक मालवीय समेत तमाम लोग बारात में शामिल थे।