इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की 28 सदस्यीय कार्यकारिणी के चुनाव के लिए बुधवार को जमकर वोटों की बरसात हुई। लगभग 79.69 मतदाताओं ने अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डाले। कुल 10705 मतदाताओं में से 8531 ने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह दस बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम को साढ़े पांच बजे तक चलती रही।
हाईकोर्ट बार चुनाव में जमकर हुई वोटों की बरसात
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वोटिंग तय समय से करीब आधा घंटा विलंब से शुरू हो सकी। भीड़ से बचने के लिए कई लोगों ने सुबह एक घंटे के भीतर ही वोट डाल दिए। इसके बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ती गई और एक बजे लंच होते ही सभी 20 बूथों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। कोर्ट में भी चुनाव को देखते हुए नो एडवर्स आर्डर का प्रस्ताव पास था, ताकि किसी वकील के मुकदमे में उपस्थित न हो पाने पर विपरीत आदेश न पारित हो। दोपहर में दो से ढाई बजे तक लंच के कारण मतदान बंद रहा। इस कारण वकीलों को इंतजार करना पड़ा।
ढाई बजे मतदान पुन: शुरू हुआ तो रफ्तार बढ़ती गई और मतदान में लगे कर्मचारियों तथा वकीलों को वोटिंग कराने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्य चुनाव संचालक वशिष्ठ तिवारी ने बताया कि कुल 8531 वकीलों ने मतदान किया। आशंका के विपरीत बार चुनाव में नई व्यवस्था कारगर रही। वरिष्ठ अधिवक्ताओं और महिला वकीलों के दो बूथों को छोड़कर कोई किसी भी बूथ से मतदान कर सकता था। इसकी वजह से किसी एक बूथ पर बहुत लंबी कतार नहीं लग सकी।
पंडाल के भीतर प्रचार की शिकायत
मतदान के दौरान बूथों पर प्रचार की मनाही थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में इस बात की शिकायत मिलती रही कि कुछ प्रत्याशियों के समर्थक मतदान स्थल के भीतर जाकर प्रचार कर रहे थे। वोट डालते समय भी मतदाताओं को प्रभावित करने की शिकायत मिली। एल्डर कमेटी के चेयरमैन वीसी मिश्र, सदस्य टीपी सिंह, मुख्य चुनाव संचालक वशिष्ठ तिवारी और व्यवस्था में लगे कमरुल हसन सिद्दीकी, महासचिव जेबी सिंह, उपाध्यक्ष अजीत यादव, संयुक्त सचिव प्रशासन प्रियदर्शी त्रिपाठी, पूर्व संयुक्त सचिव प्रशासन अभिषेक सिंह चौहान पूर्व शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष प्रवीण शुक्ला ने ऐसे अधिवक्ताओं को वहां से हटा दिया। इस कार्रवाई के घेरे में वर्तमान कार्यकारिणी के दो-तीन सदस्य भी आए।
छात्रसंघ सरीखा प्रचार
हाईकोर्ट बार का चुनाव प्रचार इस बात बहुत हद तक किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय के छात्रसंघ सरीखा रहा। प्रचार के लिए वैसे ही तरीके अपनाए गए जैसा छात्र अपनाते हैं। कुछ प्रत्याशियों के लिए युवा समर्थक हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए प्रचार में जुटे रहे। तो कुछ तालियां बजा-बजा कर मतदाताओं को आकर्षित कर रहे थे। प्रचार में मोबाइल फोन का जमकर उपयोग किया गया। मतदाताओं को पेन, गुलाब और डायरी आदि भी बांटी गई।