चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में कोविड वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने संक्रमित मरीजों से बात भी की और इलाज व भोजन के संबंध में जानकारी ली। डॉक्टरों और नर्सिंग-पैरामेडिकल स्टाफ को सराहा। उन्होंने कहा कि कोविड से डरने की नहीं डटकर मुकाबला करने की जरूरत है। मंत्री खन्ना ने संक्रमित मरीजों का बेहतर इलाज करने के साथ साफ सफाई और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने एसआरएन में देखीं व्यवस्थाएं और कोरोना संक्रमितों से की बात
एसआरएन के कोविड आइसोलेशन वार्ड संख्या आठ में इस वक्त 23 मरीज भर्ती हैं। उन्होंने वार्ड के गेट पर तीन मरीजों को बुलाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पूछा डॉक्टर आते हैं कि नहीं, इलाज कैसा है, उनका व्यवहार कैसा है। साथ ही साफ सफाई और भोजन के संबंध में जानकारी ली। मरीजों ने संतुष्टि जताई। उन्होंने सात नंबर कोविड वार्ड का भ्रमण कर शौचालय तक देखा।
निरीक्षण के दौरान मंत्री फेसशील्ड, मास्क और दस्ताने पहने थे। उन्होंने कहा कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। प्राचार्य को निर्देश दिए कि संक्रमितों की जांच संख्या बढ़ाई जाए।
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने रोगी सहायता केंद्र, स्क्रीनिंग रूम, एनाउंसमेंट सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली देखी। निरीक्षण के बाद उन्होंन कहा कि मरीजों की देखभाल में लगे डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की सराहना की जानी चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, डीएम भानुचंद्र गोस्वामी, एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, कोविड प्रभारी डॉ. सुजीत, डॉ. संतोष सिंह समेत अन्य विभागाध्यक्ष और चिकित्सक मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य और चिकित्सकों के साथ बैठक भी की।
प्रदेश सरकार की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं से रिकवरी रेट ज्यादा, संक्रमित हैं कम
चिकित्सा शिक्षा, संसदीय कार्य और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को एमएलएन मेडिकल कॉलेज में कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की कोताही नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन नियमों के पालन सख्ती से कराने का नतीजा है कि छोटे प्रदेशों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में मरीजों की संख्या कम और ठीक होकर घर जाने वालों का अनुपात ज्यादा है।