गंगा-यमुना में सोमवार की शाम उफान आने से तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया। नागवासुकि के पास झोपड़पट्टी में रहने वाले दर्जनों परिवारों ने गृहस्थी समेट ली। जबकि, तीर्थ पुरोहितों की चौकियां हनुमान मंदिर से लेकर बेनी बांध और परेड में लग गईं। गंगा चार सेंमी और यमुना में साढ़े तीन सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि होने के कछारी इलाकों में पानी प्रवेश करने लगा है।
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बाढ़ का खतरा पैदा होने के साथ ही एनडीआरएफ को सतर्क कर दिया गया है। आश्रय स्थलों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिस गति से पानी बढ़ रहा है, उससे मंगलवार की शाम तक बड़े हनुमान मंदिर में गंगा के प्रवेश की उम्मीद है।
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मध्यप्रदेश में मूसलाधार बारिश की वजह से चंबल, केन और बेतवा में उफान आ गया है। इन सहायक नदियों से लगातार यमुना में भारी जलराशि आ रही है। इससे यमुना सोमवार को उफना गई। यमुना के जलस्तर में साढ़े तीन सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वृद्धि होने से लोग सकते में आ गए हैं। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं ने देर रात यमुना के जलस्तर तेजी बने रहने के संकेत दिए।
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उधर, गंगा में भी चार सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि होने से शिवकुटी, बेली, चांदपुर, सलोरी, बघाड़ा, रसूलाबाद समेत अन्य कछारी इलाके की बस्तियों में पानी घुसने लगा है। इसी के साथ लोग गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानोें पर जाने लगे हैं। जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से सगम क्षेत्र पूरी तरह खाली कर दिया गया।
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देर रात तीर्थपुरोहितों की चौकिया बेनी बांध पर लगा दी गईं। सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक सोमवार की रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.69 मीटर और छतनाग में 79.77 मीटर रिकार्ड किया गया। जबकि, नैनी में यमुना का जल स्तर 80.34 मीटर रिकार्ड किया गया। उधर, बांधों से भी गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।