{"_id":"5e6540818ebc3eeb4763c904","slug":"do-not-join-hands-on-holi-namaste-from-a-distance-and-work-morari-bapu","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"होली पर हाथ न मिलाएं, दूर से नमस्ते कर काम चलाएंः मोरारी बापू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली पर हाथ न मिलाएं, दूर से नमस्ते कर काम चलाएंः मोरारी बापू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 09 Mar 2020 12:29 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जग विख्यात मानस कथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने रविवार को मानस अक्षयवट कथा के आखिरी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां नारी शक्ति के स्वरूपों की व्याख्या की, वहीं रंगों के त्योहार होली पर तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से बचने के लिए सजग रहने का संदेश भी दिया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह विश्व भर में इस खतरनाक बीमारी के वायरस फैल रहे हैं, उसे देखते हुए होली में रासायनिक रंगों से परहेज किया जाना चाहिए, जिनसे नुकसान का खतरा है। उन्होंने पानी भी कम बहाने की सलाह दी। कहा कि होली पर लोग एक-दूसरे केचेहरे पर रंग लगाते हैं, ऐसे में रंग खेलते समय कोरोना वायरस से बचाव के लिए बताए जा रहे उपायों को जरूर अपनाएं।
2 of 6
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
संगीतमय कथा के आखिरी दिन बापू ने विश्वामित्र से लेकर जनक तक की विदाई के प्रसंगों की व्याख्या कर वातावरण को भावुक बना दिया। उन्होंने सुख-दुख के अलावा आपदाओं और समस्याओं के प्रति भी आगाह किया। कोरोना वायरस से उन्होंने रामकथा प्रेमियों को सजग किया। कहा कि अकारण अपने मुंह पर हाथ न लगाएं। हाथ धोते रहें और लोगों से दूरी भी बनाए रखें।
3 of 6
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
इसके अलावा लोगों से हाथ मिलाने से परहेज करें और नमस्ते से ही काम चलाएं। अपने मुंह पर मास्क बांधे। बापू ने कहा कि सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी, वायु सब औषधियां हैं, लेकिन हम इनको भूल गए हैं। इन्हें प्रदूषित कर दिया है। बापू ने कहा कि आप बीमारी से बचाव करें, कृपा प्रभु करेगा। उन्होंने कहा कि भगवान को संकट में ही याद नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
प्रार्थना शांति और सुख में भी करनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृशक्ति के आठ स्वरूपों के बारे में बताया। कहा कि सनातन संस्कृति में मातृ शक्ति को हमेशा आगे रखा गया है। महाभारत में मातृ शक्ति के आठ स्वरूप बताए गए हैं। हाथ की तुलना उन्होंने कर्मरुपिणी से की। उन्होंने कहा कि नारी को लक्ष्मी के रूप में धन का संरक्षण करने वाली देवी माना गया है।
विज्ञापन
5 of 6
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
उसे प्रजाहा भी कहा गया है। यानी वह अपनी प्रजा या अपने परिवार की रक्षिणी भी है। मातृ शक्ति को शरीरम कहा गया है। यानी जो खुद भूखे रहकर अपने बच्चों के पोषण का ख्याल रखे। मातृ लोकयात्राम होती है। इसका आशय मानव की लोकयात्रा में उसके योगदान से है। मां सीता भी राम की लोकयात्रा में उनके साथ थीं। उन्होंने बताया कि राम की वनवास यात्रा लोक यात्रा थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।