प्रयागराज। बाबाओं के विविध रूप और वेश-बाना से माघ मेले का रंग चटख हो गया है। किसी ने सिर को क्यारी बनाकर उस पर जौ के पौधे उगा लिए हैं, तो किसी ने रेती पर खुद के लिए कांटों की शैय्या बिछा ली है। संगम पर बसे माघ मेले में आए अजब-गजब बाबाओं की साधना भीड़ भी बटोर रही है और देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं को चौंका रही है अलग से।
सिर को क्यारी बनाकर उगाया समृद्धि का जौ
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मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम स्नान को पहुंचे बाबा अमरजीत।
- फोटो : Prayagraj
संगम की रेती पर ऐसे भी बाबा जिनके रूप और अंदाज किसी को भी हैरान कर देने के लिए काफी हैं। सोनभद्र के राबर्ट्सगंज से आए बाबा अमरजीत उन्हीं अजब-गजब बाबाओं में से एक हैं। उन्होंने अपने सिर को ही क्यारी बना लिया है। मकर संक्रांति पर संगम में डुबकी लगाने वाले अमरजीत बाबा के सिर पर बालों की जगह उगे छह इंच तक लंबे घने जौ के पौधों के दर्शन के लिए भीड़ लगी रही। अमरजीत ने बताया कि राष्ट्र के मंगल और सुख-समृद्धि की कामना से पौष पूर्णिमा से पहले ही उन्होंने अपने सिर पर जौ के बीज बोए थे। अब उनके संकल्पों के वो पौधे लहलहा उठे हैं।
रामा बाबा ने संगम की रेती पर खुद के लिए बिछाई कांटों की शैय्या
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माघ मेले में बुधवार को मकर संक्रांति के स्नान पर संगम के पास कांटों पर लेटा हट योगी।
- फोटो : Prayagraj
इसी तरह एक बाबा ने संगम की रेती पर कांटों की शैय्या बिछा ली है। ये हैं आगरा के लक्ष्मण राम उर्फ रामा बाबा। रामा बाबा वर्षों पहले से कांटों की शैय्या पर लेट कर प्रायश्चित कर रहे हैं। इस बार भी वह माघ मेले में काटों की शैय्या पर लेटकर हर किसी का ध्यान खींच रहे हैं।
शरीर में मंत्र और टैटू बनवाने वाले विदेशी बाबा भी बने आकर्षण का केंद्र
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मकर संक्राति पर संगम स्नान करने पहुंचे विदेशी साधु भी।
- फोटो : Prayagraj
इसके अलावा बड़ी संख्या में विदेशी साधु-संत भी पहुंचे हैं। अपनी तरह-तरह की कलाकृतियों, भजन और संगीत से ये भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।