नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में शुक्रवार को भाजपा का परचम एक बार फिर लहराया लेकिन सबसे सशक्त प्रत्याशी अखिलेश सिंह को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में भाजपा के चार, सपा और कांग्रेस के एक-एक प्रत्याशी विजयी हुए। मिनी सदन में दूसरे बड़े दल सपा के अजय यादव भी वोटों की गणित गड़बड़ाने से पराजित हो गए। सपा, कांग्रेस में क्रास वोटिंग हुई जबकि भाजपा जीत के वोटों का जुगाड़ नहीं कर सकी।
नगर निगम प्रयागराज के कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा का परचम पर दमदार प्रत्याशी हारा
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करीब छह महीने देरी से हुए कार्यकारिणी चुनाव के लिए भाजपा ने पांच, सपा ने दो और कांग्रेस ने एक प्रत्याशी को अधिकृत किया। शुक्रवार सुबह नामांकन के बाद मतदान के दौरान गहमागहमी रही। पार्षदों के साथ सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, केशरी देवी पटेल, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, एमएलसी सुरेश त्रिपाठी और वासुदेव यादव ने भी मताधिकार का प्रयोग किया।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी की अध्यक्षता में सचिव परिषद पीके मिश्रा ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई। महापौर के मुताबिक कुल 89 मतों में 86 मत पड़े। छह वोट अवैध घोषित किए गए। प्रथम वरीयता के 14-14 मत पाकर पहले राउंड में भाजपा के जगमोहन, और नंदलाल को विजयी घोषित किया गया।
मतगणना के दूसरे राउंड में भाजपा के अमरजीत सिंह 11 मत पाकर विजयी हुए।
परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों को साथियों ने फूल मालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाई। इस दौरान अगल-अलग दलों के समर्थकों ने नारेबाजी भी की। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने सभी निर्वाचित सदस्यों को बधाई दी। त
भितरघात, अदूरदर्शिता से मिली हार पर सवाल
नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अखिलेश सिंह की हार से संगठन की अदूरदर्शिता सामने आई है। साफ है बूथ मैनेजमेंट और बाहरी वोटों के जुगाड़ में भितरघात भारी पड़ा। वहीं मिनी सदन में संख्या बल से दूसरी बड़ी पार्टी सपा को क्रास वोटिंग से बड़ा झटका लगा। दस पार्षदों वाली कांग्रेस पार्टी ने निर्दलियों को साधकर विजय अपने नाम कर ली।
कार्यकारिणी चुनाव परिणाम से साफ है कि भाजपा ने प्रत्याशियों के लिए प्रस्तावक और वोटों का क्रमांक तो तय किया लेकिन उसे परिणाम तक नहीं पहुंचा सकी। प्रथम वरीयता के 12 मतों की जरूरत के बाद भी पहले राउंड में पार्टी के दो प्रत्याशियों को 14-14 मत मिले। वहीं दूसरे, तीसरे राउंड में मतों का
बिखराव गवाही दे रहा है कि भाजपा का बूथ मैनजमेंट गड़बड़ा गया।
नगर निगम सदन में संख्या बल के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते ही भाजपा ने पांच प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा। इससे पहले हुए चुनाव में सभी को जिताया भी लेकिन इस बार व्हिप जारी होने के बाद भी भितरघात हावी रहा। भाजपा के नगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी का कहना है कि पार्टी के पार्षदों ने निर्देशों के मुताबिक मतदान किया। सबको जिम्मेदारियां दी गई थीं।