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आशियाना बिखरने के बाद बच्चों संग मायके पहुंची अतीक अहमद की पत्नी 

Wed, 23 Sep 2020 11:30 PM IST
prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Sep 2020 11:30 PM IST
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Atiq's wife arrives with children after Ashiana falls apart
prayagraj - फोटो : prayagraj
घर जमींदोज होने के बाद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन अपने तीनों बेटों के साथ पड़ोस स्थित मायके चली गईं। बुधवार को उनसे मिलने-जुलने वालों का तांता लगा रहा। तमाम लोगों ने फोन कर उनका हाल चाल लिया। शाइस्ता परवीन ने बुधवार को करीबी रिश्तेदारों के अलावा वकीलों से भी मुलाकात की।

 
Atiq's wife arrives with children after Ashiana falls apart
prayagraj - फोटो : prayagraj
मंगलवार को पीडीए की कार्रवाई के समय शाइस्ता बच्चों के साथ घर में मौजूद थीं। जब पीडीए के अफसरों ने शाइस्ता को बताया कि उनके घर को गिराना है, तो उन्होंने टीम को काफी रोकने की कोशिश की। तमाम वकीलों को फोन किया, लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिली। कुछ देर बाद खबर मिली की पूरा घर ही गिराया जाएगा।
Atiq's wife arrives with children after Ashiana falls apart
prayagraj - फोटो : prayagraj
इसके बाद वह तीनों बेटों को लेकर रोते हुए बाहर निकल आईं। पहले कुछ देर पड़ोस में रहीं, फिर घर से करीब 500 मीटर दूर अपने मायके चली गईं। तब से वह वहीं पर हैं। बुधवार को सुबह से ही मायके में उनसे मिलने के लिए लोग आने लगे। हालांकि शाइस्ता बहुत कम लोगों से मिलीं। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि पीडीए की कार्रवाई से उन्हें गहरा धक्का लगा है। अब आगे क्या हो सकता है, इसके बारे में वकीलों से उन्होंने सलाह ली है।

लाखों का सामान भी मलबे में दबा

प्रयागराज। अतीक के आलीशान घर में लाखों के फर्नीचर ऐसे थे, जो जमीन या दीवार से अटैच थे। कई फर्नीचर और अलमारी ऐसी थी, जो दरवाजे से बहुत बड़ी थी। उन्हें भी नहीं निकाला जा सका। पारिवारिक सूत्रों ने बताया जिनके लॉक खुल गए थे, लोगों ने वह सामान तो बाहर निकाल लिया, लेकिन तमाम अलमारियों और वार्डरोब के ताले ही नहीं खुल पाए थे। लाखों के सामान तो किचन और बाथरूम में ही लगे थे। सबकुछ मलबे में तब्दील हो गया।

 
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Atiq's wife arrives with children after Ashiana falls apart
prayagraj - फोटो : prayagraj

दुकानें तो खुलीं, लेकिन मोहल्ले में सन्नाटा

प्रयागराज। चकिया और कसारी मसारी मोहल्ले में बुधवार को दुकानें तो खुलीं, लेकिन जिस तरह आम दिनों में चहल-पहल रहती है। उस तरह की चहल-पहल और रौनक नहीं दिखी। लोग अतीक अहमद के बारे में बात करने से कतराते रहे।

पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात

 मंगलवार को अतीक का घर गिराने के बाद बुधवार को इलाके में भारी फोर्स तैनात रही। पीएसी की गाड़ी के साथ-साथ कई थानों की फोर्स और पुलिस लाइन से रिजर्व फोर्स को भी भेजा गया था। फोर्स दिनभर कर्बला तिराहे के पास एहतियातन तैनात रही। अधिकारी भी इलाके में गश्त लगाते रहे। मंगलवार को कार्रवाई के समय कुछ लोगों ने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया था।

पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी भी की गई थी। यहां तक कि कुछ लोगों ने ‘अतीक जिंदाबाद’ के नारे लगा दिए थे। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को सुबह से ही एहतियातन इलाके में फोर्स तैनात कर दी थी। यह इसलिए किया गया कि कहीं कोई विरोध प्रदर्शन न हो जाए।  सीओ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि फोर्स एहतियातन तैनात की गई थी। दिन में सब कुछ सामान्य रहा।

 
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