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प्रयागराज में एशिया का सबसे बड़ा डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कंट्रोल सेंटर शुरू, जानें खूबियां

Tue, 29 Dec 2020 09:12 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 29 Dec 2020 09:12 PM IST
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Asia's largest dedicated freight corridor control center also started in Prayagraj, PM Modi inaugurated
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर - फोटो : prayagraj
  • पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, बोले- स्वदेशी उपकरणों से बना कंट्रोल रूम आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक 

  •  डीएफसी पर दौड़ने लगीं मालगाड़ियां


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वर्चुअल कार्यक्रम में ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के प्रयागराज स्थित परिचालन नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने न्यू खुर्जा और कानपुर के भाऊपुर के बीच मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी के साथ इन दोनों स्टेशनों के बीच 351 किमी तक मालगाड़ियों के नियमित संचालन का रास्ता साफ हो गया। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों की रफ्तार तो बढ़ेगी ही, उद्योगों को भी गति मिलेगी तथा नए अवसर खुलेंगे। 

 


यहां सूबेदारगंज स्थित कंट्रोल सेंटर परिसर में समारोह का सजीव प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री के साथ यहां सांसद केशरी देवी पटेल तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों ने भी मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाई। साथ ही कंट्रोल सेंटर के उद्घाटन समारोह का हिस्सा बने। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कंट्रोल सेंटर की खूबियां बताईं।

 

उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एशिया का यह सबसे बड़ा कंट्रोल सेंटर नए एवं आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। इसका निर्माण भारतीयों ने स्वदेशी उपकरणों से किया है। वहीं डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को उन्होंने औद्योगिक विकास की लाइफ लाइन बताया। 

 

Asia's largest dedicated freight corridor control center also started in Prayagraj, PM Modi inaugurated
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर - फोटो : prayagraj

रेलवे के अफसरों ने बताया कि डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मालगाडिय़ों के लिए अलग ट्रैक है। अभी मालगाड़ी की औसत गति 25 किमी प्रति घंटा है। कॉरिडोर के चालू होने के बाद गति तीन गुना हो जाएगी। इसके अलावा मालगाड़ी की वजह से यात्री ट्रेनों को भी नहीं रोकना होगा। इससे उनकी गति भी बढ़ेगी। उन्होंने कंट्रोल सेंटर तथा कॉरिडोर की अन्य उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेलमंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए।


यहां सांसद केशरी देवी के अलावा विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, अजय भारती, मुज्तबा सिद्दीकी, राजमणि कोल, राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा, एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी, डीआरएम मोहित चंद्रा आदि इस ऐतिहासिक समारोह का हिस्सा बने। डायरेक्टर ऑपरेशन एंड बिजनेस डेवलपमेंट नंदूरी श्रीनिवासन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

Asia's largest dedicated freight corridor control center also started in Prayagraj, PM Modi inaugurated
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर - फोटो : prayagraj

अगले चरण में भाऊपुर-सुजानपुर के बीच चलेगी मालगाड़ी

 ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अगले चरण में भाऊपुर-सुजातपुर (कौशाम्बी) के बीच ट्रैक निर्माण कार्य पूरा होगा। साथ ही मालगाड़ियों का संचालन इनके बीच शुरू किया जाएगा।

करछना में बनेगा यार्ड

 स्थानीय तथा आसपास के उद्यमियों एवं व्यापारियों को विभिन्न उत्पादों की ढुलाई पर अधिक राशि नहीं खर्च करनी पड़ेगी और न ही ज्यादा भागदौड़ करनी होगी। मालगाड़ी से सामान मंगाना एवं बाहर भेजना आसान होगा। मालगाड़ियों के लिए करछना में रेलवे का यार्ड भी प्रस्तावित है। जल्द ही इसका निर्माण होगा। यार्ड से आसपास के स्टेशनों तथा औद्योगिक क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी भी होगी। नैनी के साथ यमुनापार में बढ़ते उद्योग को देखते हुए करछना में यार्ड बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।
 

मालगाडिय़ों के लिए अलग से एक कॉरीडोर हो रहा तैयार 

दिल्ली-हावड़ा रूट पर क्षमता से अधिक ट्रेनों के संचालन की वजह से ही मालगाड़ियों के लिए अलग रूट बनाया जा रहा है। 2022 तक ईस्टर्न डीएफसी का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पहले खंड का मंगलवार को प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया। इसके बाद पंजाब के लुधियाना से लेकर पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक मालगाड़ियों को अलग रास्ता मिल जाएगा।  ईस्टर्न डीएफसी कुल 1856 किलोमीटर लंबा है। 

 

मालगाड़ियों के संचालन पर हर शिफ्ट में 250 कर्मचारी रखेंगे नजर

उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के पास सूबेदारगंज में मार्च 2017 में ईडीएफसी के कंट्रोल रूम का शिलान्यास हुआ था, जिसका मंगलवार को प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया। कंट्रोल रूम में 11 गुणा पांच मीटर की चार स्क्रीन लगाई गई हैं। इन स्क्रीन पर लुधियाना से लेकर दानकुनी के बीच चलने वाली सभी मालगाड़ियों की स्थिति दिखाई देगी। कंट्रोल रूम को 75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार करवाया गया है। एक शिफ्ट में 250 कर्मचारी मालगाड़ियों के संचालन पर नजर रखेंगे। इस तरह से तीन शिफ्ट के लिए कंट्रोल रूम में 750 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। हालांकि अभी 50 कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

 

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ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर - फोटो : prayagraj

सौ की स्पीड से चल रहीं मालगाड़ियां

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि 23 सितंबर 2019 से ईडीएफसीसी के सूबेदारगंज में बनाए गए कंट्रोल रूम से अब तक दो हजार मालगाड़ियों की निगरानी की जा चुकी है। यहां भाऊपुर से खुर्जा के बीच कुल 351 किमी लंबे रूट पर ट्रायल के रूप में मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ाकर सौ किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी गई है। मंगलवार को उद्घाटन के साथ अब इस रूट पर स्थायी रूप से मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा। 
 

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ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर - फोटो : prayagraj

डीएफसी और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर की खूबियां

0 एशिया के सबसे बड़े सेंटर से ईस्टर्न डीएफसी के अंतर्गत 1856 किमी रूट की होगी निगरानी
0 11*5 मीटर की कुल चार अलग-अलग एलईडी स्क्रीन रहेगी कंट्रोल रूम में
0 पंजाब से बंगाल तक गुड्स ट्रेनों की लोकेशन संबंधी सभी जानकारी रहेगी स्क्रीन पर
0 कंट्रोल रूम से संबंधित रूट के हर स्टेशन, सेक्शन और सिग्नल पर रहेगी नजर
0 13,030 वर्ग मीटर का कुल निर्मित क्षेत्र, 4.20 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया।
0 ट्रेन संचालन के लिए विश्व स्तर पर अपनी तरह के सबसे आधुनिक नियंत्रण भवनों में से एक।
0 सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन के साथ ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग।
0 90 मीटर से अधिक की वीडियो दीवार के साथ 1560 वर्ग मीटर का एक थिएटर है। 
0 अलस्टॉम द्वारा विकसित, बंगलुरू में उनकी डिजाइन टीमों द्वारा समर्थित, यह ‘मेक-इन-इंडिया’ का  उदाहरण है।
 

ईडीएफसीसी के सात बोर्ड नियंत्रण खंड

1. न्यू दानकुनी - न्यू गोमो (282 किमी, 09 स्टेशन)
2. न्यू गोमो - न्यू सोननगर (258 किमी, 07 स्टेशन)
3. न्यू सोननगर - न्यू डीडीयू (129 किमी, 8 स्टेशन)
4. न्यू डीडीयू - न्यू भाउपुर (382 किमी, 12 स्टेशन)
5. न्यू भाउपुर - न्यू खुर्जा (362 किमी, 11 स्टेशन)
6. न्यू खुर्जा - न्यू पिलखनी (230 किमी, 22 स्टेशन)
7. न्यू पिलखनी - न्यू चौपाल (168 किमी, 13 स्टेशन)

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