अधूरे इंतजामों के बीच सोमवार की रात से संगम पर कल्पवासियों के आने का सिलसिला आरंभ हो गया। मंगलवार से पंडों, तीर्थ पुरोहितों और साधु-संतों के शिविरों में श्रद्धालु जगह बनाने लगेंगे। बुधवार को प्रदोष पर ही कुछ लोग कल्पवास शुरू कर देंगे। लेकिन, बड़ी तादाद में श्रद्धालु 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान केसाथ कल्पवास आरंभ करेंगे। इसी के साथ महीने भर के जप, तप, ध्यान का माघ मेला आरंभ हो जाएगा।
इंतजाम अधूरे, संगम पर आज से कल्पवासियों रेला
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करीब ढाई हजार बीघा क्षेत्रफल में तंबुओं की नगरी अभी पूरी तरह नहीं लग पाई है, लेकिन दूर-दराज इलाकों से कल्पवासी आने लगे हैं। सबसे बड़ी समस्या इस बार तीर्थपुरोहितों के शिविरों का अब तक तैयार न हो पाना है। इसलिए कि बड़ी तादाद में कल्पवासी इन्हीं तीर्थपुरोहितों के शिविरों में ही कल्पवास करते हैं,लेकिन अभी सौ से अधिक पुरोहितों को भूमि तक नहीं मिल सकी है। इसके लिए सोमवार को भी माघ मेला प्रशासन दिन भर माथापच्ची करता रहा। इस बीच पौष पूर्णिमा स्नान के लिए संगम पर घाट निर्माण कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
संगम नोज एरिया स्नानार्थियों के लिए खाली करा लिया गया है। पांच किमी लंबे संगम तट के 16 घाटों पर श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाएंगे। प्रयागवाल तीर्थपुरोहित महासभा के राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि अभी सौ से अधिक पुरोहितों को भूमि नहीं मिली है। जहां शिविर लग रहे हैं, वहां अभी बिजली, पानी के लिए नल नहीं लग सके हैं।जबकि कल्पवासी आने लगे हैं। ऐसे में अगर जल्द इंतजाम पूरे नहीं किए गए तो श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ने से नहीं रोका जा सकता।
ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी,13 थानों पर सुरक्षा का दारोमदार
सुरक्षा के लिहाज से इस बार मेला क्षेत्र में कुल 13 पुलिस थाने बनाए गए हैं। 38 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। पुलिस अधीक्षक माघ मेला पूजा यादव के मुताबिक सभी थाने, चौकियों और पोस्टों पर जवानों की तैनाती कर दी गई है। मेला क्षेत्र में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संतों-भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सीसीटीवी के साथ ही ड्रोन कैमरों से मेला क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी।
-2500 बीघा क्षेत्रफल में बसाया गया माघ मेला
-13000 एईडी की दूधिया रोशनी से जगमग हुआ माघ मेला क्षेत्र
-350 किमी विद्युत लाइनों का जाल बिछाया गया
-22 उपकेंद्र 210 केवीए के और 11 उपकेंद्र सौ केवीए के तैयार
-05 किमी लंबे स्नान घाटों का किया गया निर्माण
-16 स्नान घाट बनाए गए
-05 पांटून पुल गंगा पर बनाए गए
-100 किमी चकर्ड प्लेट मार्गों से होकर गुजरेंगे श्रद्धालु
-15 अस्पतालों का मेला क्षेत्र में निर्माण