इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के नए कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने इविवि में छात्रसंघ की बहाली के संकेत दे दिए हैं। उनका मानना है कि अगर शिक्षक संघ है तो छात्रसंघ भी होना चाहिए लेकिन सभी को अपनी जिम्मेदारियां भी समझनी होंगी। उन्होंने कहा कि सभी संवाद स्थापित कर सामूहिक प्रयास से विश्वविद्यालय को आगे ले जाना ही उनका लक्ष्य होगा।
प्रो. तिवारी ने बुधवार शाम को कार्यवाहक कुलपति का पदभार संभाला था। बृहस्पतिवार सुबह दफ्तर पहुंचते ही उनका स्वागत करने वालों की भीड़ लग गई। लोगों से घिरे प्रो. तिवारी बीच-बीच में फाइलें भी निपटाते रहे। इस दौरान छात्रों और शिक्षकों से मिलकर उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की। बातचीत में प्रो. तिवारी ने कहा कि इविवि और संघटक कॉलेजों में छात्रों ने छात्र परिषद को पूरी तरह से नकार दिया। प्रो. तिवारी का मानना है कि विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ, कर्मचारी संघ हो सकता है तो छात्रसंघ क्यों नहीं। उन्होंने छात्रसंघ बहाली के भी संकेत दिए।
साथ ही कहा कि छात्रसंघ के पदाधिकारियों को छात्र हित की बात कर करनी चाहिए और परिसर को दलगत राजनीति से दूर रखना चाहिए। छात्रों की तरह शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी। शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं में जाएं और कर्मचारी अपने हिस्से का काम समय से पूरा करें। छात्रों के निलंबन और निष्कासन के मुद्दे पर बोले कि अगर हम छात्रों को दो कदम आगे नहीं ले जा सकते तो हमें एक कदम पीछे ले जाने का अधिकार भी नहीं है। किसी भी कीमत पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
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dr. shailendra pro AU
- फोटो : प्रयागराज
डॉ. शैलेंद्र इविवि के नए पीआरओ
मानव शास्त्र विभाग के डॉ. शैलेंद्र मिश्र इविवि के नए जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) होंगे। अब तक पीआरओ रहे डॉ. चितरंजन सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उनकी जगह जिम्मेदारी डॉ. शैलेंद्र मिश्र को सौंपी गई है। डॉ. शैलेंद्र मिश्र के पास सीपीआईओ का चार्ज भी है। यह जिम्मेदारी भी वह पूर्व की भांति संभालते रहेंगे। डॉ. शैलेंद्र शुक्रवार को पीआरओ का पदभार ग्रहण कर लेंगे। उधर, डॉ. चितरंजन सिंह का कहना है कि प्रो. हांगलू के जाते ही उन्होंने अपना इस्तीफ सौंप दिया था। इविवि प्रशासन ने दो दायित्व दिया, उन्होंने ईमानदारी से निर्वाह किया। डॉ. चितरंजन ने सभी आचार्यों एवं मीडिया के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है।