छात्रसंघ बहाली की मांग और कुलपति के विरोध के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के दौरान सोमवार को सीनेट हॉल के बाहर बवाल हो गया। छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पुलिस ने मामले में चार छात्रों को हिरासत में लिया है, जिनमें से तीन को इविवि प्रशासन ने निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों का इविवि परिसर में प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इलाहाबाद विविः स्थापना दिवस में बवाल, हिरासत में चार छात्र
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सीनेट हॉल में एक तरफ स्थापना दिवस समारोह चल रहा था तो दूसरी ओर छात्रसंघ भवन में छात्र आमरण अनशन पर बैठे थे। सीनेट हॉल के बाहर सैकड़ों की संख्या में छात्र इकट्ठा थे और उन्हें समारोह में शामिल होने से रोक दिया गया था। दोपहर दो बजे के आसपास मुख्य अतिथि राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र का संबोधन चल रहा था, उसी वक्त बाहर शोरशराबा शुरू हो गया और छात्रों ने इविवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सीनेट हॉल में बैठे चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के तमाम सदस्य बाहर की ओर भागे।
इस बीच बाहर बवाल शुरू हो चुका था और छात्रों एवं सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्कामुक्की हो रही थी। आपाधापी में सीनेट हॉल के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी गईं। पुलिस ने छात्रनेता संदीप वर्मा प्रॉक्टर, आनंद सिंह, अनुभव सिंह छोटू और सौर सिंह बंटी को हिरासत में ले लिया और बाकी छात्रों को लाठियां पटककर खदेड़ा। बवाल के बाद चीफ प्रॉक्टर ने छात्र संदीप कुमार, आनंद सिंह और सौरभ सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
अनुभव सिंह इविवि का छात्र नहीं है, सो इविवि प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। चीफ प्रॉक्टर ने निलंबित किए गए तीनों छात्रों को 15 अक्तूबर तक पंजीकृत डाक से लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसके अलावा चीफ प्रॉक्टर ने उपद्रव और अराजकता फैलाने के आरोप में चारों छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है।
अनुशासनहीनता में एक अन्य छात्र भी निलंबित
प्रयागराज। अनुशासनहीनता के मामले में इविवि प्रशासन ने एक अन्य छात्रों को निलंबित कर दिया है। बीए तृतीय वर्ष के छात्र जितेंद्र कुमार भारतीया पर आरोप है कि सोमवार दोपहर तीन बजे के आसपास वह चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचा और वहां मौजूद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से दुर्व्यवहार किया। साथ ही झगड़ा करने पर उतारू हो गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने उसे निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन अक्तूबर को शाम चार बजे तक कुलानुशासक कार्यालय में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।