निजामुद्दीन मरकज से लौटे इविवि के प्रोफेसर की कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट भले ही निगेटिव आई हो, लेकिन इविवि प्रशासन प्रोफेसर के बारे में आवश्यक जानकारियां जुटा रहा है। लॉकडाउन पूरा होने के बाद इविवि खुलने पर इन्हीं जानकारियों के आधार पर प्रोफेसर से जवाब-तलब किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक रजिस्ट्रार की ओर से राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष को पत्र भेजकर कुछ अहम जानकारियां मांगी गईं हैं। वहीं, परीक्षा नियंत्रक से भी कुछ सूचनाएं मांगी गई हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि प्रोफेसर ने मरकज में शामिल होने के लिए छुट्टी ली थी या नहीं। यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रोफेसर ने इविवि में किसी से यह बात साझा की थी या नहीं कि वह मरकज से लौटे हैं।
2 of 3
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
इसके अलावा परीक्षा नियंत्रक से उन छात्रों की सूची मांगी गई थी, जो 17 मार्च को परीक्षा में शामिल हुए थे। साथ ही राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष से वहां शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूची मांगी गई थी। हालांकि, प्रोफेसर की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अब इन सूचियों को कोई महत्व नहीं रह गया है। लेकिन, प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण इविवि प्रशासन लॉक डाउन समाप्त होने के बाद अपने स्तर से भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
एबीवीपी ने की प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मरकज में शामिल होकर लौटे इविवि के प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संदर्भ में शनिवार को एबीवीपी प्रदेश कार्य समिति के सदस्य सनत कुमार मिश्र ने फोन पर इविवि के रजिस्ट्रार से वार्ता की और कहा कि राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर ने मरकज से लौटने की बात छिपाकर इविवि की अस्मिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।