पानी की टंकी पर चढ़े अधिवक्ता व उसके परिवार को तीसरे दिन सकुशल नीचे उतारने के बाद भले ही अफसरों ने राहत की सांस ली। लेकिन सोमवार को एक वक्त ऐसा भी आया जब मौके पर मौजूद डीएम-एसएसपी के भी हाथ-पांव फूल गए। समझाने के दौरान ही टंकी पर चढ़े अधिवक्ता ने उग्र होकर खुद पर पेट्रोल छिडक़ने की चेतावनी दी। जिस पर सभी अफसर मौके से हटकर सडक़ पर जा खड़े हुए।
आत्मदाह की चेतावनी पर अफसरों के फूले हाथ-पांव, समझाने के दौरान ही उग्र हुआ अधिवक्ता
दोपहर दो बजे के करीब एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। वह मौके पर पहुंचकर हरदोई से आए अफसरों से मंत्रणा कर रहे थे कि कुछ देर बाद डीएम भानुचंद गोस्वामी भी आ गए। दोनों अफसर टंकी के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इस दौरान लाउड हेलर के जरिये ऊपर चढ़े अधिवक्ता व उसके परिवारवालों से नीचे उतरने के लिए बार-बार मान-मनौव्वल की जाती रही। अचानक इसी दौरान टंकी पर चढ़ा अधिवक्ता उग्र हो उठा। वह कहने लगा कि तीन दिन से सिर्फ मांगें माने जाने के नाम पर झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है ऐसे में अब वह पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लेगा। इतना सुनते ही अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। जिसके बाद डीएम-एसएसपी समेत अन्य अफसर वहां से हटकर सड़क पर जा खड़े हुए। उधर मौके पर मौजूद कुछ वकीलों ने ऊपर चढ़े अधिवक्ता को समझाया कि वह कोई भी गलत फैसला न ले। तब जाकर वह शांत हुआ। हालांकि बाद में एक बार फिर हरदोई से आए वकीलों ने बातचीत का प्रयास शुरू किया और उनकी मेहनत रंग लाई।
ड्रोन कैमरे से होती रही निगरानी
उधर टंकी के ऊपर की स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल सोमवार को भी हुआ। पुलिस की ओर से ड्रोन कैमरे से ऊपर चढ़े लोगों की निगरानी की जाती रही। इस दौरान ऊपर चढ़े लोगों तक रस्सी में बंधे झोले के सहारे पानी व अन्य सामान भी पहुंचाया जाता रहा।