ड्राईरन ड्राइव के तहत मंगलवार को कोविड टीकाकरण का पूर्वाभ्यास 138 स्वास्थ्यकर्मियों पर किया गया। कोविड वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल के मुताबिक तीन चरणों में प्रक्रिया पूरी की गई। टीका लगने के बाद दस लोगों का परीक्षण किया गया। इस दौरान प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ डॉक्टर भी मौजूद रहे। ड्राईरन के लिए जिले के छह केंद्रों पर 150 स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाया गया था। हालांकि 12 कर्मी नहीं पहुंचे।
कोविड वैक्सीनेशन के ड्राईरन में शामिल हुए 138 स्वास्थ्यकर्मी, जानें क्या रहा चैलेंज
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कोविड वैक्सीनेशन के ड्राईरन के लिए जिले के शहरी इलाके में तीन और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन-तीन केंद्रों का चयन किया गया है। यहां दस से चार बजे तक टीकाकरण का मॉकड्रिल किया जाना था, हालांकि पूर्वाभ्यास हर केंद्र पर दो बजे तक समाप्त हो गया। जो जो कर्मचारी इसमें शामिल नहीं हुए, उनकी जानकारी एकत्र की जा रही है।
कॉल्विन में अधीक्षक, जीवन ज्योति में निदेशक पर पहला ट्रायल
कोविड वैक्सीनेशन के ड्राईरन के दौरान शहरी क्षेत्र में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एक महिला चिकित्साकर्मी, कॉल्विन में अधीक्षक डॉ सुषमा श्रीवास्तव, जीवन ज्योति अस्पताल में निदेशक डॉ वंदना ट्रायल वैक्सीनेशन की पहली लाभार्थी रहीं। वहीं ग्रामीण इलाकों में कोटवा, जसरा और प्रतापपुर में अधीक्षक मॉकड्रिल में पहले टीका लगवाने वाले लाभार्थी बने।
कोल्ड चेन बनाए रखने का परीक्षण
स्वास्थ्य विभाग का ड्राईरन के दौरान कोविड वैक्सीन को सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाने के लिए कोल्ड चेन का माइक्रोप्लान कारगर रहा। दस बजे के पहले कोल्ड वैन से वैक्सीन बॉक्स केंद्रों तक पहुंचाए गए। एमएलएन मेडिकल कॉलेज टीकाकरण केंद्र पर डॉ. महानंद यादव, जीनव ज्योति अस्पताल में नोडल अधिकारी डॉ. राहुल सिंह, कॉल्विन अस्पताल में अधीक्षक डॉ. सुषमा श्रीवास्तव, कोटवा में एसीएमओ डॉ. तीरथ लाल, प्रतापपुर में एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार और जसरा में एसीएमओ डॉ. बीएन सिंह ने पूरे समय निगरानी करते रहे।
इस तरह किया टीकाकरण का पूर्वाभ्यास
कोविड ड्राईरन के लिए चयनित सभी केंद्रों पर वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल के तहत तीन कक्षों में व्यवस्था की गई थी। पुलिस कर्मियों के साथ पहले कक्ष में वेरीफायर, दूसरे में सहायक के साथ वैक्सीनेटर फिर पर्यवेक्षण निगरानी के लिए तीसरे कक्ष में स्वास्थ्य उपकरणों, ऑक्सीजन, दवाओं के साथ डॉक्टरों की मौजूदगी में टीम लगाई गई।
कॉल्विन में तीन, जीवन ज्योति में दो, जसरा में एक, प्रतापपुर में तीन, एमएलएन तथा अन्य केंद्रों पर एक-एक लाभार्थी पर टीकाकरण के बाद होने वाले प्रभाव जांचने और उपचार का रिहर्सल किया गया। नोडल अधिकारी डॉ राहुल ने बताया कि टीका लगने के बाद चक्कर आना, चकत्ते, खुजली, बुखार जैसे लक्षण दिखने पर उपचार की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ, नोडल अफसर ने लिया जायजा
ड्राई रन के दौरान सीएमओ डॉ प्रभाकर राय, नोडल अधिकारी कोविड वैक्सीनेशन डॉ राहुल सिंह ने शहरी क्षेत्रों के चयनित अस्पतालों में बनाए गए टीकाकरण केंद्रों पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया। सीएमओ डॉ राय के मुताबिक हर केंद्र की रिपोर्ट आई है। चुनौती लाभार्थियों को टीकाकरण केंद्र तक लाने की है। सीएमओ डॉ प्रभाकर राय ने बताया कि हम प्रथम चरण के कोविड वैक्सीनेशन के लिए तैयार हैं। ड्राई रन के दौरान जहां दिक्कतें जाहिर हुईं उन्हें दूर करने को निर्देश दिए गए हैं।