पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय का शुक्रवार की देर रात आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनकी उम्र करीब 65 वर्ष थी। वह लंबे समय से कैंसर व अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। रामवीर उपाध्याय बसपा सरकार में चार बार ऊर्जा और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे थे। रामवीर के निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। इन दिनों वह आगरा में शास्त्रीपुरम स्थित अपने निवास पर उपचाररत थे। रात्रि 10 बजे के लगभग एकाएक जब उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में ले गए, वहां उनका निधन हो गया। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के राजनीतिक करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 1993 में अपना पहला चुनाव हाथरस विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था।
2 of 7
रामवीर उपाध्याय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद उन्होंने वर्ष 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव बसपा के बैनर तले लड़े। जब - जब प्रदेश में बसपा की सरकार बनी, तब-तब रामवीर उपाध्याय कैबिनेट मंत्री बने।
3 of 7
रामवीर उपाध्याय और सीमा उपाध्याय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
रामवीर उपाध्याय ने पहले तीन चुनाव तो हाथरस विधानसभा क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार के रूप में लड़े और जीत हासिल की। उन्होंने एटा जिले के जलेसर लोकसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे थे।
4 of 7
रामवीर उपाध्याय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद वर्ष 2012 में जब हाथरस सीट सुरक्षित हो गई तो उन्होंने यह चुनाव सिकंदराराऊ विधानसभा सीट से लड़ा। इस चुनाव में वह वहां से भी जीते। तदुपरांत 2017 का चुनाव उन्होंने बसपा से ही सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से लड़ा और यहां से भी जीत हासिल की।
5 of 7
रामवीर उपाध्याय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
लगातार 25 वर्ष के राजनीतिक करियर में विजयी रहने के बाद इस वर्ष 2022 में उन्होंने पाला बदला और भाजपा में शामिल हो गए। बीमार रहने के बावजूद उन्होंने यह चुनाव भी लड़ा, लेकिन राष्ट्रीय लोकदल के प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू ने इस चुनाव में हरा दिया।