{"_id":"63464e14072b7f07be336c3c","slug":"mulayam-singh-yadav-funeral-kalyan-singh-son-of-bjp-mp-rajveer-singh-reply-on-the-debate-on-social-media","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"वो नहीं आए उनकी कोई मजबूरी होगी: हमने अपना संस्कार निभाया, मुलायम की अंत्येष्टी में सांसद के जाने पर छिड़ी बहस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वो नहीं आए उनकी कोई मजबूरी होगी: हमने अपना संस्कार निभाया, मुलायम की अंत्येष्टी में सांसद के जाने पर छिड़ी बहस
Wed, 12 Oct 2022 10:48 AM IST
शाहरुख खान
अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 12 Oct 2022 10:48 AM IST
विज्ञापन
पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश की सियासत 90 के दशक में सिर्फ दो खेमों में बंटी हुई थी। एक खेमा कल्याण सिंह के इर्द-गिर्द घूमता था तो दूसरा मुलायम सिंह यादव के। करीब सवा वर्ष के अंतराल में दोनों का देहांत हो गया। मगर स्व. कल्याण सिंह के देहांत के बाद छिड़ी बहस की तर्ज पर अब स्व. मुलायम सिंह यादव के देहांत पर भी सोशल मीडिया पर एक सियासी बहस छिड़ी है। बहस का केंद्र दोनों परिवार हैं। जिस पर खुद स्व.कल्याण सिंह पुत्र व भाजपा के एटा से सांसद राजवीर सिंह ने जवाब दिया है कि वो नहीं आए, उनकी कोई मजबूरी रही होगी, मगर हमने अपना संस्कार निभाया है। यह जगजाहिर है कि वर्ष 2000 और 2009 के बाद कल्याण सिंह भाजपा से दो बार अलग हुए। दोनों बार मुलायम सिंह यादव और कल्याण सिंह करीब आए। हालांकि पार्टी स्तर पर साथ नहीं रहे। मगर एक दूसरे को समर्थन चुनाव में दिया गया। दोनों ने मंच साझा किए।
पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
2003 में राजू भैया को सपा शासन काल में विधायक बनने पर मुलायम सिंह यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री तक बनाया। जिले के यादव बेल्ट वाले दादों इलाके में दोनों ने एक मंच से सभाओं को संबोधित किया। एटा व बुलंदशहर में कल्याण सिंह का लोकसभा चुनाव में सहयोग किया।
पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
इसके चलते दोनों में अच्छे रिश्ते थे। बाद में पुन: कल्याण सिंह के भाजपा में जाने के बाद भी रिश्ते बरकरार रहे। मगर कल्याण सिंह के निधन पर अखिलेश या मुलायम सिंह के न आने पर तरह-तरह की टीकाटिप्पणी सोशल मीडिया पर हुईं। प्रदेश के डिप्टी सीएम ने भी अखिलेश पर टिप्पणी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसद राजवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इधर, अब मुलायम सिंह यादव के देहांत पर राजवीर सिंह सैफई पहुंचकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए और श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस पर भी सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी जारी है।
विज्ञापन
राजवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
हमारी जो संस्कृति है और बाबूजी ने जो संस्कार दिए हैं, उन्हीं पर हम आगे चल रहे हैं। राजनीति से ऊपर हटकर पारिवारिक रिश्ते निभाना हमारी संस्कृति व संस्कार हैं। उसी संस्कार के तहत मैं आज स्वयं नेताजी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने गए। अब वो उस समय नहीं आए, उनकी कोई मजबूरी रही होगी। मगर हमने अपना संस्कार निभाया है। - राजवीर सिंह राजू, सांसद एटा