आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की खबर ने उनके गृह जनपद अलीगढ़ में हलचल पैदा कर दी है। इससे परिजन स्तब्ध हैं। अलीगढ़ के नौरंगाबाद डोरी नगर स्थित उनके आवास पर जब इस्तीफे की सूचना पहुंची, तो परिवार के सदस्य भावुक और निराश हो गए। पिता सौदान सिंह राही का कहना है कि रिंकू ने सदैव ईमानदारी की राह चुनी, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें वह सम्मान और स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
पिता ने बताया कि रिंकू ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर रुख अपनाए रखा। उन्होंने साझा किया कि रिंकू को कई बार करोड़ों रुपयों के प्रलोभन दिए गए, लोग पैसे लेकर घर तक आए, लेकिन उन्होंने कभी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी इस लड़ाई के कारण उन पर जानलेवा हमला भी हुआ, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और एक आंख की रोशनी भी प्रभावित हुई, इसके बावजूद वे अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहे।
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डोरी नगर स्थित आईएस रिंकू सिंह के आवास पर मौजूद पिता व परिवार के लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उपेक्षा के चलते उठाना पड़ा कदम
परिजनों का आरोप है कि सरकार ने रिंकू की योग्यता और ईमानदारी को नजरअंदाज किया। ताऊ रघुवीर सिंह उसवा ने कहा, जिस प्रकार अन्य आईएएस अधिकारियों को उचित और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां दी जाती हैं, वैसी नियुक्ति रिंकू को भी मिलनी चाहिए थी।
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रिंकू सिंह राही की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यदि उन्हें सम्मानजनक पद दिया जाता, तो शायद वे इस्तीफा देने जैसा कठोर कदम नहीं उठाते। उनके ताऊ रघुवीर सिंह ने सरकार से मांग की है कि या तो उनका इस्तीफा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाए या फिर उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप सम्मानित पद पर नियुक्त किया जाए।
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रिंकू सिंह राही की फाइल फोटो
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संघर्षों की बुनियाद पर खड़ा परिवार
रिंकू सिंह राही का परिवार संघर्षों की मिसाल रहा है। पिता सौदान सिंह ने बताया कि उन्होंने आटा चक्की चलाकर अपने बच्चों को पढ़ाया-लिखाया और आज उनके सभी बच्चे उच्च पदों पर आसीन हैं। रिंकू के अलावा उनके परिवार में एक भाई और बहन अभी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यही नहीं, उनके ताऊ के एक बेटे भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) में हैं और दूसरे पुलिस विभाग में जेलर के पद पर कार्यरत हैं। इतने शिक्षित और समर्पित परिवार से आने वाले अधिकारी का इस तरह इस्तीफा देना प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि शासन उनके इस कदम पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
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रिंकू सिंह राही की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईएएस रिंकू सिंह का इस्तीफा
यूपी काडर के वर्ष 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने इस सेवा से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें करीब आठ महीने पहले राजस्व परिषद से संबद्ध किया गया था, जहां रिंकू सिंह राही के त्यागपत्र के अनुसार उनके पास कोई विशेष काम नहीं है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति के साथ-साथ केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और उत्तर प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को भी भेजा है। साथ ही उन्हें अपनी पूर्ववर्ती समाज कल्याण विभाग की सेवा में वापस भेजे जाने का भी अनुरोध किया है।
रिंकू सिंह राही को आईएएस की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद 24 जुलाई 2025 को शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर तैनाती दी गई थी। वहां अधिवक्ताओं के आंदोलन के दौरान शौचालयों की खराब स्थिति के लिए उन्होंने स्वयं का न सिर्फ उत्तरदायित्व स्वीकार किया, बल्कि मौके पर ही उठक-बैठक भी लगाई। यह वीडियो वायरल होने पर उन्हें 30 जुलाई 2025 को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया।