बिटिया के गांव में आरोपी पक्ष के परिजनों से मिलने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद राजा मानवेंद्र सिंह ने कहा इस केस की आड़ में प्रदेश सरकार और सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक बड़ा षडयंत्र रचा गया था। इसमें भाजपा के भी कुछ लोग शामिल हैं और यह लोग सीएम को अस्थिर करना चाहते हैं।
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आरोपियों के परिजनों से मिलते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद राजा मानवेंद्र सिंह
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उन्होंने कहा कि इस मामले में कहा जा रहा है कि मॉरीशस से फंडिंग हुई है। यह कांग्रेस, सपा, बसपा और भीम आर्मी की मिलीजुली साजिश है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बिटिया का शव रात में जलाया जाना दुखद है। उसमें भी यह पता चला था कि यदि लाश को रात में नहीं जलाया जाता तो उसे उठाकर ले जाया जाता, जिससे दंगा भड़क सकता था।
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अधिकारियों संग बातचीत करते वकील एपी सिंह
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उन्होंने इस मामले में भाजपा के कुछ लोगों की भी मिलीभगत बताई और कहा कि यह मुख्यमंत्री को अस्थिर करने का प्रयास था। उन्होंने पीड़ित के पक्ष में उतरे चंद लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों का बिटिया से कोई मतलब नहीं था। इनका उद्देश्य तो दंगा भड़काना और राजनीतिक रोटियां सेंकने का था। उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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इसके लिए हम सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह को साथ लाए हैं, वो मुकदमा लड़ेंगे। बच्चे निर्दोष हैं। एसआईटी और सीबीआई की जांच से जो निष्कर्ष सामने आएगा, उस पर हमारे अधिवक्ता कार्रवाई करेंगे।
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गांव में तैनात पुलिसबल
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वहीं, घटना के बाद अभी भी इलाके में जातीय तनाव व्याप्त है। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो गए हैं, वह तो फिलहाल शांत बैठे हैं, लेकिन अभी कुछ अराजक तत्व अफवाह फैलाकर वहां की फिजां खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर खुफिया विभाग भी सतर्क है। पुलिस की नजर आसपास के गांवों पर लगी है।