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कृतार्थ की बलि: जसोदन ने परिवार और विद्यालय की चाह में बुझा दिया इकलौता चिराग; मासूम के पिता ने जताया था ये शक
Fri, 27 Sep 2024 09:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 27 Sep 2024 09:40 AM IST
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hathras murder
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस के रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक दिनेश बघेल के पिता जसोदन ने अपने परिवार और विद्यालय की बरक्कत की चाह में गांव तुरसेन निवासी श्रीकृष्ण के घर का इकलौता चिराग बुझा दिया। गांव तुरसेन निवासी श्रीकृष्ण के एक बेटा था और बेटी हैं। इन दोनों से घर में रौनक रहती थी। श्रीकृष्ण ने अपने बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए अच्छी पढ़ाई कराने की सोची थी। इसके चलते उन्होंने अपने कलेजे के टुकड़े को अपने से दूर डीएल पब्लिक स्कूल के छात्रावास में छोड़ दिया था।
Hathras Murder
- फोटो : अमर उजाला
उन्हें क्या पता था कि उनके बेटे के साथ यह घटना हो जाएगी और उनके घर का इकलौता चिराग बुझ जाएगा। सीओ सादाबाद हिमांशु माथुर ने बताया कि विद्यालय प्रबंधक दिनेश बघेल का पिता तांत्रिक क्रिया करता था।
Hathras Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
इस कारण वह पूरे गांव में भगत जी के नाम से मशहूर था। वह यह तांत्रिक क्रिया स्कूल के किनारे बने खुद के नलकूप पर करता था। बताया जाता है कि दिनेश बघेल ने जब विद्यालय बनाया तो उसने बाजार और बैंक से कर्ज लिया था।
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Hathras Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
इस कर्ज से मुक्ति पाने, अपने विद्यालय और परिवार की बरक्कत के लिए वह तांत्रिक क्रियाएं कर रहा था। इसके चलते जसोदन ने विद्यालय में पढ़ने वाले कृतार्थ से पहले राज की बलि देने की भूमिका तैयार की थी, लेकिन राज बच गया।
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Hathras Murder
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की रात को बलि देने के लिए कृतार्थ को चुना गया। जब रात्रि में करीब 10 बजे सभी सो गए तो बच्चों के साथ हॉल में सो रहा रामप्रकाश सोलंकी कृतार्थ को अपनी गोदी में उठाकर तांत्रिक क्रिया के जरिये बलि देने के लिए लेकर चला।