शिक्षक छोटेलाल की पत्नी वीरांगना ने अपने नाम को सार्थक किया और साहस दिखाया। वह लहूलुहान हालत में छोटी बेटी को गोद में लिए हमलावरों से बचने को घर में इधर-उधर दौड़ती रही। शोर मचाती रही। इसी बीच मकान के ऊपरी हिस्से में रहने वाले किरायेदार राम इनके लिए भगवान बनकर आए और उन्हें आता देख, हमलावर भागने को मजबूर हो गए। वीरांगना और उसके पति की जान तो बच गई, लेकिन बेटियों की जान नहीं बचा पाई।
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आशीर्वाद धाम कॉलोनी में दो बच्चियों की गला रेतकर हत्या के बाद लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
महिला की बहादुरी के आगे हमलावरों ने टेके घुटने
माना जा रहा है कि पूरे परिवार के खात्मे के इरादे से आए हमलावर बिना मंसूबा पूरा किए ही भागने को मजबूर हो गए। घटना के बाद हुई पुलिस पूछताछ व अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि आरोपी विकास अपने साथी संग रात नौ बजे करीब छोटेलाल के घर पर पहुंचा। रात्रि में करीब साढ़े 11 बजे तक विकास, उसका दोस्त व वीरांगना अपने बच्चों के साथ बातचीत में लगे रहे। परिवार को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि यह कोई और ही मंसूबा बनाकर घर आए हैं।
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आशीर्वाद धाम कॉलोनी में दो बच्चियों की गला रेतकर हत्या के बाद लगी भीड़
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इस दौरान विकास व साथी ने खाना खाने से मना कर दिया। इस कारण वीरांगना ने खुद व अपनी बच्चियों को खाना खिलाया। खाना खिलाने के बाद बच्चियों को लेकर कमरे के अंदर बनी लॉबी में गद्दा डालकर बच्चियों के साथ वीरांगना सोने चली गई। विकास व उसका दोस्त छोटेलाल के कमरे में सो गए। इसके बाद शिक्षक परिवार के सदस्य तो नींद के आगेश में चले गए। मगर विकास व उसका साथी अपने काम में लग गए।
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मृत बच्चियां
- फोटो : अमर उजाला
रात 12.30 बजे अचानक आवाजें सुनकर खुलीं वीरांगना की आंखें
रात करीब 12.30 बजे जब अचानक कुछ अजीब सी आवाजें आने पर वीरांगना की आंख खुली तो उसने देखा कि उसकी बेटियां खून में लथपथ गद्दे से हटकर फर्श पर पड़ी हुई थी। फर्श पर खून ही खून बिखरा हुआ था। यह मंजर देख वीरांगना के होश फाख्ता हो गए। वीरांगना ने खुद को बचाने के साथ साथ मृत छोटी बेटी विधि को गोद में उठा लिया और भागने की कोशिश की। मगर विकास व उसके साथी ने महिला की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया।
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सृष्टि (ऊपर वाली) और विधि (नीचे वाली)
- फोटो : अमर उजाला
चाकू लगने के बाद भी वीरांगना शोर मचाते हुए दरवाजे की ओर भागी
चाकू लगने के बाद भी वीरांगना शोर मचाते हुए दरवाजे की ओर भागी और बचाने के लिए पुकार लगाने लगी। इसके चलते अंदर आंगन से लेकर बाहर लॉबी तक में खून ही खून दिखाई दिया। इसी बीच दोनों आरोपियों ने छोटे लाल गौतम के गले पर भी चाकू से वार कर दिया, जिसके चलते उनका पूरा बिस्तर भी खून में लथपथ हो गया। घर में चारो ओर बिखरा खून इस बात की गवाही दे रहा है, महिला ने किस तरह से जान बचाने के लिए घर में दौड़ती रही।