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हाथरस: एसडीएम सदर ने बताई वजह, बिटिया के गांव में किसी को क्यों नहीं मिल रहा प्रवेश
Fri, 02 Oct 2020 02:08 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: प्राची प्रियम
Updated Fri, 02 Oct 2020 02:08 PM IST
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गांव जाने का रास्ता बंद
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के सामने आने के बाद से ही माहौल गर्म है। राहुल और प्रियंका गांधी के विरोध प्रदर्शन के बाद हाथरस में धारा 144 लागू कर दी गई है। बिटिया के गांव जाने वाले सभी रास्तों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
गांव में जांच करती एसआईटी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में शुक्रवार को एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश मीणा ने यह बात स्वीकार की है कि प्रशासन द्वारा मीडिया, नेता व अन्य अधिकारियों को गांव के अंदर जाने से रोका जा रहा है।
गांव जाने के क्रम में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की में गिरे टीएमसी नेता
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा है कि बिटिया के गांव के अंदर एसआईटी की जांच चल रही है। इस वजह से मीडियाकर्मी व अन्य राजनीतिक दलों के आए हुए प्रतिनिधि मंडलों को नहीं जाने दिया जा रहा है।
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गांव जाने के रास्ते पर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि बिटिया के गांव के बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर काफी पुलिस फोर्स तैनात है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता वहां आ रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें बिटिया के गांव तक नहीं जाने दे रही।
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गांव जाने के रास्ते में लोगों को खदेड़ती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले अलीगढ़ रेंज के आईजी पीयूष मोर्डिया ने बताया था कि हाथरस में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू की गई है। पीड़िता के गांव की तरफ जाने वाले रास्तों को सील कर दिया गया है। विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।