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आस्था हत्याकांड: बचने के लिए अरुण ने अपनाई थी हर तरकीब, 350 सीसीटीवी फुटेज और नए नंबर से पुलिस ने धरा
Tue, 19 Oct 2021 11:08 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 19 Oct 2021 11:08 AM IST
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Dr Aastha Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ के क्वार्सी इलाके की रमेश विहार कॉलोनी में हुई मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पति सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात के खुलासे के लिए 350 सीसीटीवी खंगाले थे। शाम साढ़े सात बजे घर के पास अरुण के साथ तीनों युवक कैद हैं। वे इधर-उधर टहल रहे हैं। इसके बाद घटना को अंजाम देकर निकलते समय अरुण के साथ तीनों कैद हैं। फिर कासिमपुर जाते समय एक सीसीटीवी में अरुण की कार कैद हुई। इसके बाद भाई के घर से अरुण तीनों को साथ लेकर निकला। फिर एसपी सिटी दफ्तर के बगल के पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरवाते कैद हुआ। यहां से नोएडा एक्सप्रेस वे के रास्ते जेवर टोल पर भी वह कैद हुआ। इसके बाद उन्होंने टोल से आगे एक ढाबे पर खाना खाकर सोते हुए दिन निकाला। दिन निकलते ही यहां से अरुण व अशोक दिल्ली गए और पवन व विकास अलग हो गए।
सीसीटीवी में कैद बच्चे और हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
अरुण यहां से सीधे दिल्ली पहाड़गंज की एक पार्किंग में पहुंचा। जहां उसने अपनी गाड़ी लगाई। वहां सीसीटीवी में अरुण कैद हुआ। इसके बाद मोबाइल की मदद से पता चला कि वह चंडीगढ़ पहुंचा है। वहां से अशोक उससे अलग हो गया।
सीसीटीवी में कैद गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ से अरुण शिमला गया। फिर शिमला से वापस चंडीगढ़ लौटा और दिल्ली आकर यहां से अपनी गाड़ी लेकर सुपारी की शेष रकम देने, साथ में न्यायालय में सरेंडर करने के इरादे से अलीगढ़ लौट रहा था। तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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सीसीटीवी में कैद आरोपियों की गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
गांव में ही घूमे बाकी आरोपी, न था खुद के पकड़े जाने का डर
चूंकि, पहले ही दिन से इस घटना में अरुण नामजद हुआ था। भाड़े के आरोपियों का कहीं कोई नाम दूर दूर तक सामने नहीं आया था। इसलिए नोएडा से लौटने के बाद पवन व विकास गांव में ही घूम रहे थे। उन्हें खुद के पकड़े जाने का डर न था। इसलिए उनकी गिरफ्तारी आसान हो गई।
चूंकि, पहले ही दिन से इस घटना में अरुण नामजद हुआ था। भाड़े के आरोपियों का कहीं कोई नाम दूर दूर तक सामने नहीं आया था। इसलिए नोएडा से लौटने के बाद पवन व विकास गांव में ही घूम रहे थे। उन्हें खुद के पकड़े जाने का डर न था। इसलिए उनकी गिरफ्तारी आसान हो गई।
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Dr Aastha Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
हां, सीसीटीवी में उनके चेहरे जब सामने आए तो पुलिस ने उनकी पहचान कराने के लिए बेहद गोपनीयता रखी अन्यथा वे भी भागने में सफल रहते। अभी उनका साथी अशोक उर्फ टशन गायब है, जिसके लिए एक टीम लगा रखी है।