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खुलासा: गला घोंटने से नहीं मरी थी डॉ. आस्था, जिस झूले पर बच्चे झूलते थे, हत्यारों ने उसी रस्सी से लटकाया

Tue, 19 Oct 2021 10:32 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 19 Oct 2021 10:32 AM IST
सार

आस्था की हत्या सहित कई बातें खुद अरुण ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारी हैं। पुलिस के अनुसार अरुण और आस्था दंपती के बीच विवाद का बड़ा कारण एक दूसरे के चरित्र पर संदेह रहा।

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Doctor Aastha did not die of strangulation and killers hung her on swing on which children used to swing in aligarh
Dr Aastha Aggarwal death case - फोटो : अमर उजाला।

अलीगढ़ की मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल के हाईप्रोफाइल हत्याकांड में जो सच सामने आया है, वह वाकई चौंकाने वाला है। आस्था की हत्या सहित कई बातें खुद अरुण ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारी हैं। पुलिस के अनुसार अरुण और आस्था दंपती के बीच विवाद का बड़ा कारण एक दूसरे के चरित्र पर संदेह रहा। एक तरफ आस्था को अरुण पर भरोसा न था। वहीं अरुण को आस्था और उसके करीबी मनीष चौधरी पर संदेह था। शायद अविश्वास की यही नींव थी कि आस्था अरुण पर मकान व ऑक्सीजन प्लांट खुद के नाम कराने का दबाव बना रही थी।



अरुण के अनुसार उसके साथ पिछले दिनों मनीष ने मारपीट तक की थी, जिसके बाद कई दिन तक वह प्लांट पर ही रुका और बेहद मानसिक तनाव में रहा। इसी बीच प्लांट के गार्ड विकास ने उसका दर्द समझते हुए हत्या में मदद के लिए भाड़े पर अपराधी मुहैया कराए। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अरुण ने स्वीकारा कि वह अपनी पत्नी के व्यवहार और मनीष से करीबी को लेकर जब भी रोकटोक करता था, तो वह गाली गलौज करती थी। इसे लेकर आए दिन विवाद होता रहता था।

Doctor Aastha did not die of strangulation and killers hung her on swing on which children used to swing in aligarh
सीसीटीवी में कैद बच्चे और हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला

गला घोंटने से नहीं मरी थी डॉ. आस्था
पुलिस के अनुसार घटना से पहले जब अरुण व आस्था में झगड़ा शुरू हुआ और बच्चे बीच में बोलने लगे तो अरुण व पवन बच्चों को डराकर बाहर के कमरे में ले गए, जहां टीवी की आवाज तेज कर दी। इसके बाद चारों ने मिलकर हाथ पैर पकड़ते हुए पहले आस्था का गला दबाया। इससे आस्था की मौत नहीं हुई, वह बेसुध स्थिति में आ गई। बाद में रस्सी के फंदे से उसका गला घोंटकर आत्महत्या दर्शाने के लिए उसे फंदे पर लटका दिया।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

आरोपियों ने पहली बार किया सुपारी लेकर अपराध
अरुण के प्लांट के सिक्योरिटी गार्ड विकास के अनुसार उसने अपने गांव के दो साथियों पवन व अशोक संग मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। तीनों पहली बार किसी अपराध में शामिल रहे। वे रुपयों के लालच में आ गए और अरुण ने समझाया कि फांसी पर लटकाने पर मामला आत्महत्या का आएगा। इन बातों में वे आ गए और पहली बार के ही अपराध में पकड़े गए। अब तीनों के परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

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Dr Aastha Aggarwal death case - फोटो : अमर उजाला
जिस झूले पर बच्चे झूलते थे, उसी रस्सी से लटकाया
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद कर ली है। यह वही रस्सी है, जिस पर झूले से बच्चे झूला करते थे। उसी रस्सी से उनकी मां को मौत के घाट उतारा गया था।
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बहनोई भी फांसी पर झूले, तब मिलेगा सुकून : आस्था की बहन
डॉ. आस्था अग्रवाल हत्याकांड के खुलासे के दौरान उनकी बहन व भाई आदि ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर संतोष जताया। साथ में कहा कि दोनों में विवाद की नौबत तलाक तक थी। अगर तलाक दे देता तो क्या बुरा था। उन्होंने कहा है कि उन्हें अब संतुष्टि तभी होगी, जब अरुण भी फांसी पर झूलेगा। आस्था की बहन आकांक्षा के साथ भाई अभिनव व विकास ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की।
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