यमुना एक्सप्रेस वे पर सोमवार को भयानक हादसे ने 29 जिन्दगियों को लील लिया। इस हादसे में कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जो भावुक कर देने वाली हैं। दुर्घटनाग्रस्त बस से एक मासूम बच्ची की निकालकर दरोगा उसे इलाज को ले जाने के लिए दौड़े लेकिन, जब मासूम की धड़कनें थमी देखीं तो आंखों से आंसू बह निकले। घायलों की मदद करने के लिए पुलिसकर्मियों और दरोगा की पीठ आईजी ने थपथपाई।
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घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने वाले छलेसर चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध
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बता दें कि एक्सप्रेस वे पर सोमवार सुबह छलेसर के निकट यूपी रोडवेज की एसी जनरथ बस नाले में गिर गई थी। इसकी सूचना के बाद घटनास्थल पर अपनी टीम के साथ पहुंचे छलेसर चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने जैसे ही बस में फंसे यात्रियों व छोटे बच्चों को दबा देखा, वैसे ही उन्होंने नाले के गहरे पानी में छलांग लगा दी।
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घटनास्थल पर पुलिसकर्मी खुद राहत और बचाव में जुटे थे
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चौकी इंचार्ज अनिरुद्घ प्रताप के साथ सिपाही मुकेश, सत्यप्रकाश, प्रमोद, गोविन्द भी कूद पड़े और एक-एक कर ग्रामीणों की मदद से मृतक व घायलों को बाहर निकालने लगे। एक सिपाही का पैर गहरे गड्ढे में चला गया। उसने बस को पकड़कर खुद को बचाया।
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आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने अनिरुद्ध की पीठ थपथपाई
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तीन साल की मृत बच्ची को अपने हाथों में लेकर नाले से बाहर आ रहे चौकी इंचार्ज की आंखों से आंसू बह निकले। उस समय तक आईजी रेंज ए सतीश गणेश पहुंच चुके थे। उन्होंने अनिरुद्ध की पीठ थपथपाई। आसपास खड़े लोग बोले, इन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए। आईजी ने कहा, क्यों नहीं, बहुत अच्छा काम किया है।
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आगरा बस हादसा
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इस घटना के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया था। घायलों का इलाज आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज, श्रीकृष्णा हॉस्पिटल और चौहान हॉस्पिटल में चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी इलाज पर नजर बनाए हुए हैं।