सांप का नाम आते ही हर इंसान खौफ खाने लगता है, लेकिन सच्चाई तो ये है कि हर सरीसृप विषैला नहीं होता है। इन सरीसृपों और जीवमंडल में उनकी अहम भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 16 जुलाई को वर्ल्ड स्नेक डे (World Snake Day) मनाया जाता है। वहीं वाइल्डलाइफ एसओएस, सांपों को बचाने और इन सरीसृपों से पैदा होने वाले डर को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने का काम सक्रिय रूप से कर रही है।
World Snake Day: जानें सांपों से जुड़े ये अंधविश्वास, जो वास्तविकता से हैं परे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह समझना महत्वपूर्ण है कि ज़हरीले सांप शिकार को पकड़ने या आत्मरक्षा के लिए जहर का उपयोग करते हैं। कोबरा आमतौर पर अपना जहर बर्बाद नहीं करते, बल्कि इसे भोजन और पाचन के लिए बचा कर रखते हैं। वह 90 फीसद समय सूखा ही काटते हैं, मतलब कि जहर को मानव शरीर में नहीं छोड़ते हैं। केवल 10 फीसद ही आमतौर पर खतरनाक मामले होते हैं, जहां पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।
- Viral_insance (@ViralINS) 3 July 2022
अगर ज़हरीले सांप ने काट लिया तो लोगों को सांप की पहचान करना और शांत रहना जरूरी है। यदि सांप विषैला हो तो घड़ी, अंगूठी, चूड़ी आदि ऐसे किसी भी सामान को तुरंत निकाल दें। शरीर में विष को तेजी से फैलने से रोकने के लिए काटे गए स्थान को आसपास कपडे से बांध दें और किसी भी झाड़-फूंक वाले बाबा पर समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाएं। एंटी-वेनम की एक खुराक भी सभी प्रकार के ज़हरीले सांपों के काटने पर जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है।