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आगरा: चार महीने से वेतन नहीं मिलने पर वबाग कर्मियों ने कार्यालय में भर दिया सीवर, बदबू ने किया बुरा हाल

Fri, 24 Dec 2021 12:01 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 24 Dec 2021 12:01 AM IST
सार

चेन्नई की कंपनी वीए टेक वबाग को दो साल पहले 15 दिसंबर को आगरा का सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी का संचालन मिला था। एमओयू के बाद कंपनी ने धीमे-धीमे एसटीपी के बाद पंपिंग स्टेशन और सीवरेज नेटवर्क संभाला, लेकिन कोरोना की पहली लहर के बाद से ही कंपनी के खिलाफ शिकायतें बढ़ गईं।

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Wabag Company Employees Open Sewage Treatment Plant In Office
कार्यालय परिसर में भरा सीवर - फोटो : अमर उजाला

आगरा शहर के सीवर नेटवर्क और एसटीपी संचालन की जिम्मेदारी निभा रही कंपनी वीए टेक वबाग के कर्मचारियों को जब चार महीने से वेतन नहीं मिला तो उनका आक्रोश बृहस्पतिवार को फूट पड़ा। 78 एमएलडी धांधूपुरा एसटीपी प्लांट के सीवर टैंक का वॉल्व खोलकर उन्होंने परिसर में सीवर भर दिया। टैंकों से झरने की तरह से सीवर नीचे गिरता रहा, जिससे हालात बिगड़ गए। 


एसटीपी के टैंक का सीवर परिसर में भरा
वेतन न मिलने पर एक ओर कार्यालय के बाहर कर्मचारी कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, तो दूसरी तरफ एसटीपी के टैंक का सीवर परिसर में भरता चला गया। बाद में एसटीपी के आंदोलनरत कर्मचारियों ने अन्य वॉल्व भी खोल दिए, जिससे पूरा सीवर ट्रीटमेंट के बिना यमुना नदी में पहुंचता रहा। 
हड़ताल पर चले गए कर्मचारी

78 एमएलडी प्लांट, धांधूपुरा में बवाग कंपनी के कर्मचारी बृहस्पतिवार को हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी चार माह से वेतन नहीं दे रही है। दो माह वेतन न मिलने पर दिवाली पर हड़ताल की थी, तब उससे वादा किया गया था कि दस दिनों में भुगतान करा दिया जाएगा, लेकिन तब से पूरे दो माह हो गए, लेकिन अब तक किसी कर्मचारी को वेतन नहीं दिया गया। वह जिनसे वेतन लेते हैं, उनमें से अधिकांश अधिकारी कंपनी छोड़कर जा चुके हैं, वह अपनी फरियाद किससे करें। 

दुर्गंध के कारण कार्यालय में बैठना भी मुश्किल हुआ
नारेबाजी और आंदोलन के बीच कुछ कर्मचारी 78 एमएलडी एसटीपी के टैंक पर चढ़ गए और वॉल्व खोल दिया, जिससे टैंक में भरा लाखों लीटर सीवर एसटीपी परिसर में आफिस के बाहर बने बागीचे में भर गया। कंपनी के अधिकारियों ने दोपहर में जैसे-तैसे कर्मचारियों को शांत किया, लेकिन सीवर की दुर्गंध के कारण कार्यालय में बैठना भी मुश्किल हो गया। 

Wabag Company Employees Open Sewage Treatment Plant In Office
कंपनी को 48 करोड़ रुपये का होता है भुगतान
चेन्नई की कंपनी वीए टेक वबाग को दो साल पहले 15 दिसंबर को आगरा का सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी का संचालन मिला था। एमओयू के बाद कंपनी ने धीमे-धीमे एसटीपी के बाद पंपिंग स्टेशन और सीवरेज नेटवर्क संभाला, लेकिन कोरोना की पहली लहर के बाद से ही कंपनी के खिलाफ शिकायतें बढ़ गईं। वबाग को प्रदेश सरकार हर साल 48 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है, लेकिन शहर में सीवर को लेकर तो हालात खराब हैं ही, एसटीपी पर हड़ताल के दौरान यह पहली बार वाक्या हुआ, जो इससे पहले कभी किसी आंदोलन या हड़ताल में नजर नहीं आया। 
तीन जनवरी तक होगा नवंबर का भुगतान
कंपनी का भुगतान नहीं हो पाया, इसलिए कर्मचारियों को वेतन मिलने में कुछ दिक्कत आई है। तीन जनवरी तक सभी कर्मचारियों को नवंबर तक का वेतन दे दिया जाएगा। हम उनकी तकलीफों को समझ रहे हैं, दस दिनों में सभी दिक्कतें दूर कर देंगे।  - अनुज त्रिपाठी, प्रोजेक्ट मैनेजर, वीए टेक वबाग 
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