ब्रज में यमुना के तट पर कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में डेरा जमाए संत-महंतों ने रंगभरनी एकादशी पर गुरुवार को वृंदावन की परिक्रमा करते हुए ब्रजभूमि को नमन किया। अंतिम दिन तीर्थनगरी में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। संतों ने हरिद्वार कुंभ के लिए जाने से पहले श्रीबांकेबिहारी और यमुना जी का आशीर्वाद लिया। वृंदावनवासियों ने भी संतों पर फूल और गुलाल की बरसात कर विदाई दी। पंचकोसीय परिक्रमा में श्रद्धा भक्ति का अद्भुत नजारा देख आमजन भी भाव-विभोर हो गए।
2 of 6
वृंदावन की परिक्रमा करते संत
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में यमुना के तट पर वसंत पंचमी से शुरू हुए वैष्णव कुंभ गुरुवार को रंगभरनी एकादशी की परिक्रमा के साथ पूर्ण हो गया। तीनों अनी अखाड़ों के श्री महंतों की अगुवाई में वृंदावन कुंभ में कल्पवास कर रहे हजारों संत, महंतों ने भक्तों के संग कान्हा के धाम की पंचकोसीय परिक्रमा की।
3 of 6
वृंदावन की परिक्रमा करते संत और श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सुबह आठ बजे गाजे-बाजे के साथ तीनों अनी में निर्मोही के श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज, दिगंबर के श्रीमहंत कृष्णदास, निर्वाणी के श्रीमहंत धर्मदास महाराज की अगुवाई में संत-महंतों, धर्माचार्यो की टोलियां कान्हा के लीला धाम की परिक्रमा के लिए कुंभ मेला क्षेत्र से निकलीं।
4 of 6
वृंदावन की परिक्रमा करते संत और श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
साधु-संतों की टोलियों को देख भक्तों के मुख से निकलते राधे-राधे के जयकारों से मेला क्षेत्र गूंज उठा। छत्र चंवर लगाए संत-महंतों के काफिले और ढोल मृदंग की धुन पर नृत्य करते श्रद्धालुओं की टोली श्रद्धा भक्ति का अद्भुत नजारा प्रस्तुत कर रही थीं।
5 of 6
वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर संतों और श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन परिक्रमा मार्ग में भक्तों की भीड़ ऐसी कि मानो आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा हो। संतों की टोलियों का भक्तों ने फूल और गुलाल से भव्य स्वागत किया। इससे संत भी अभिभूत हो गए। इस मौके पर श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि अब देवभूमि हरिद्वार कुंभ में पहुंचेंगे।